चोरी का तरीका
पकड़े गए अभियुक्तों ने पूछताछ में बताया कि वे कम पढ़े-लिखे हैं। मौज-मस्ती, नशा और पैसे की जरूरत के लिए बाइक चोरी करते थे। उनके पास मास्टर-की रहती थी जिससे बाइक आसानी से खोल लेते थे। चोरी के बाद बाइक को खंडहर में छिपाकर चेसिस नंबर मिटा देते थे। फिर फर्जी नंबर प्लेट लगाकर राह चलते लोगों को बेच देते थे।
बरामदगी
पुलिस की पूछताछ में बाइक चलाने वाले ने अपना नाम रोहित बताया। पीछे बैठे लोगों ने अपना नाम गोविंद और अशोक बताया। पुलिस ने मोबाइल ऐप के जरिये जांच की तो बाइक चोरी की निकली। यह बाइक जसपुर, उधमसिंह नगर थाने में दर्ज मुकदमे से संबंधित थी। तीनों आरोपियों को थाने लाकर सख्ती से पूछताछ की गई।
आरोपियों ने बताया कि उनका नौ लोगों का गिरोह है और वसुपुरा ढाल के पास खंडहर में चोरी की बाइकें छिपाई हैं। इस सूचना पर पुलिस ने खंडहर पर छापा मारकर 11 और बाइकें बरामद कीं। मौके से रविंद्र, रवि, टीकाराम, रोहित, रवि और अरुण समेत छह अन्य अभियुक्तों को भी गिरफ्तार कर लिया गया।
उत्तराखंड कनेक्शन
यह गिरोह बहेड़ी के अलावा उत्तराखंड के किच्छा और पंतनगर में भी बाइक चोरी की वारदात को अंजाम दे रहा था। उत्तराखंड पुलिस भी इन आरोपियों की गिरफ्तारी को लेकर काफी दिनों से फिराक में थी। आरोपियों की गिरफ्तारी की जानकारी मिलने के बाद उत्तराखंड पुलिस ने भी थाने जाकर उनके बारे में जानकारी ली।
रोहित, गोविंद, अशोक, रविंद्र, रवि, टीकाराम और अरुण से उत्तराखंड पुलिस भी पूछताछ कर सकती है। थाना देवरनियां में अभियुक्तों के खिलाफ संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।