दोनों भाइयों ने बनाया था हत्या का प्लान
चार जुलाई की रात को रविंद्र ने अपने छोटे भाई सतेंद्र से पूरी बात साझा की। सतेंद्र ने चुपके से अजय को बुलाने की बात कही। रात करीब डेढ़ बजे पत्नी के नंबर से रविंद्र ने अजय को फोन किया। पुलिस के अनुसार, उधर से आवाज आई थी आ जाऊं, इधर से रविंद्र ने धीमी आवाज में हां कर दिया था। इसके बाद दोनों भाई पेड़ की आड़ में छिप गए।
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अजय पाल ने पैंट कंधे पर डाल रखी थी। अचानक दोनों भाइयों को देखकर उसने भागने की कोशिश की, जिस पर रविंद्र ने फायर कर दिया। गोली उसकी जांघ पर लग गई। उसके नहीं रुकने पर सतेंद्र ने पकड़ लिया और गांव से आधा किमी दूर ले जाकर रतिराम के खेत में खड़े बबूल के पेड़ के पास सीने में गोली मार दी। आरोपियों ने अजयपाल की पैंट भी झाड़ियों में छिपा दी थी। अजय का मोबाइल भाई सतेंद्र ने छीन लिया था।