बरेली में बीते 36 घंटों में मूसलाधार बारिश हुई है, जिससे स्मार्ट सिटी बनाए जा रहे शहर की सूरत बिगड़ गई। शहर में जगह-जगह जलभराव हो गया। पॉश इलाके की सड़कें भी बारिश के पानी से लबालब हो गईं। सुभाष नगर में लोगों के बेडरूम तक गंदा पानी पहुंच गया।
बरेली में बारिश का सिलसिला जारी है। शुक्रवार सुबह बारिश के बाद दिनभर शहर की प्रमुख सड़कें तालाब बनी रहीं। लोगों के घरों में पानी भर गया। साइकिल बह गई। कई ई-रिक्शा पलट गए। दो पहिया सवार गिरते रहे। यह सब देखकर लोगों को मिर्जा गालिब का शेर याद का गया। वे बोल उठे कि ये स्मार्ट सिटी है... यहां तैरकर जाना है। अफसरों ने भले ही स्मार्ट सिटी की ब्रांडिंग शुरू कर दी है, मगर हालात इसके विपरीत हैं।
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जलभराव में गिरकर लोग हुए चोटिल
कांवड़ियों के जत्थे शहर में आने लगे हैं। सोमवार को दस लाख से अधिक कांवड़ियों के आने की संभावना है, मगर बदायूं रोड का हाल खराब है। सड़क पर जलभराव है। कई जगह गड्ढे हो गए हैं। शुक्रवार को पूरे दिन लोग गिरते रहे। बदायूं रोड के आसपास बसी कॉलोनियों का भी यही हाल रहा। सुभाष नगर के कई घरों में पानी भर गया।
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एक घर में भरा बारिश का पानी
बांस मंडी में तीन घंटे तक जलभराव की स्थिति रही। सबसे खराब हाल हजियापुर का रहा। यहां नालों का पानी पूरे मोहल्ले की सड़कों पर भर गया। दो पहिया सवार यहां भी गिरकर जख्मी होते रहे। कुतुबखाना बाजार में बारिश के बाद कीचड़ हो गया। नगर निगम के पीछे इलेक्ट्रॉनिक्स बाजार में पेड़ गिरने से बिजली गुल हो गई।
संजयनगर में रिक्शा पलटा
- फोटो : अमर उजाला
संजय नगर की सड़क ने लोगों को सबसे अधिक दर्द दिया। यहां अधूरी सड़क पर दिनभर में एक दर्जन से अधिक ई-रिक्शा पलट गए। इतनी ही बाइकें पलटीं, कई लोग जख्मी भी हुए। संजय नगर की सड़क पिछले तीन साल से खराब है।
घर में भरा बारिश का पानी
फरीदपुर में बृहस्पतिवार रात और शुक्रवार सुबह हुई बारिश के बाद कस्बे में जगह-जगह जलभराव हो गया। जलभराव के चलते लोग निकलने के लिए भी परेशान रहे। बारिश और जलभराव की वजह से जनजीवन अस्त-व्यस्त रहा।
जिले के परिषदीय स्कूलों में दूसरे दिन शुक्रवार को भी जलभराव हुआ। बारिश के बीच शिक्षक और विद्यार्थी स्कूल पहुंच गए। इसके आधे घंटे बाद छुट्टी का आदेश आया। 8:40 बजे स्कूलों में छुट्टी कर दी गई। जलभराव के चलते स्कूलों में प्रार्थना नहीं हो सकी। जिन स्कूलों में फर्नीचर नहीं हैं, वहां कक्षाओं के बिछी दरियां भीग गईं।
बारिश में हुए फॉल्ट से महानगर, सीबीगंज, हरुनगला, कुतुबखाना, कोहाड़ापीर, किला क्षेत्र में 25 हजार से अधिक घरों की बिजली कई घंटे गुल रही। नगर निगम के पीछे बिजली लाइन पर पेड़ गिर जाने से सिकलापुर व आसपास की आपूर्ति ठप हो गई।