सीमाएं होंगी सुरक्षित, किसान होंगे सशक्त
रक्षित ने बताया कि 'गैलेक्सआई' स्टार्टअप उपग्रहों के माध्यम से मल्टी-सेंसर तस्वीरें प्रदान करता है। इस तकनीक के जरिये अंतरिक्ष से बादल के आर-पार रात में भी देख सकते हैं। इससे देश के किसी भी कोने की साफ तस्वीर खींच सकते हैं। इससे प्राप्त डाटा का इस्तेमाल देश की सीमाओं को सुरक्षित करने व दुश्मन की गतिविधियों की निगरानी करने में होगा। इसका डाटा आर्म्ड फोर्सेज को उपलब्ध कराएंगे।
दूसरा, झींगा किसानों को सशक्त बनाने के लिए हमने एक उत्पाद बनाया है। इसके जरिये अंतरिक्ष से उनके तालाब के पानी की गुणवत्ता कम खर्च में माप सकते हैं। आगे लक्ष्य है कि उच्च गुणवत्ता की सेटेलाइट तस्वीरें उत्पन्न करें। साथ ही, ग्लोबल वॉर्मिंग से लड़ने के लिए दुनिया को सेटेलाइट से डाटा उपलब्ध कराएंगे।
गैलेक्सआई के को फाउंडर रक्षित भट्ट ने कहा कि प्रधानमंत्री से वार्ता करना प्रेरणादायक रहा। उन्हें टीम को आगे और बेहतर करने के लिए प्रेरित किया। उनका प्रयास है कि युवा स्टार्टअप के माध्यम से देश की तरक्की में भागीदार बनें। हमारी टीम वर्ष 2025 में पहला सेटेलाइट लॉन्च करेगी। इसके बाद पांच सेटेलाइट और लॉन्च करने की योजना है। इससे प्राप्त होने वाले डाटा दुनिया को उपलब्ध कराएंगे।
प्रधानमंत्री ने कहा- बाल मिठाई वाले हैं आप
मन की बात में स्टार्टअप के संबंध में जैसे ही रक्षित ने अपना परिचय दिया तो प्रधानमंत्री ने, 'उत्तराखंड में कहां से हो? सवाल किया। रक्षित ने बताया कि 'वह अल्मोड़ा के रहने वाले हैं'। प्रधानमंत्री ने मुस्कुराते हुए उत्तराखंड की मशहूर बाल मिठाई का जिक्र करते हुए कहा, 'बाल मिठाई वाले हो आप'? रक्षित ने कहा कि 'वह मेरी भी पसंदीदा मिठाई है'। प्रधानमंत्री ने कहा कि उन्हें नियमित रूप से एक परिचित यह मिठाई खिलाता है, जोकि बहुत स्वदिष्ट है। दरअसल उत्तराखंड के मूल निवासी रक्षित का परिवार वर्तमान में रामपुर गार्ड में रहता है।