बरेली। सर्दियों की दस्तक के साथ ही उम्रदराज लोगों को जोड़ों का दर्द, आर्थराइटिस सताने लगा है। दवा से अनुकूल लाभ न मिलने पर वह एसआरएम राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय के पंचकर्म विभाग पहुंच रहे हैं। रोजाना 60-70 मरीज पहुंच रहे हैं। 40 लोगाें का पंचकर्म से इलाज किया जा रहा है।
पंचकर्म विभाग के सहायक प्रोफेसर शांतुल गुप्ता के मुताबिक, ठंड में नसें सिकुड़ने से आर्थराइटिस उभरती है। पुरानी चोट या जिनके जोड़ का द्रव्य कम होता है, उन्हें दर्द होता है। अंग्रेजी दवाओं से कुछ देर के लिए दर्द कम होता है, पर पूरी तरह आराम नहीं मिलता। इसमें पंचकर्म बेहद फायदेमंद है। सर्वाइकल, सुन्नपन की भी समस्या लेकर मरीज पहुंच रहे हैं। चिकित्सकीय परीक्षण के बाद पंचकर्म का निर्णय लिया जाता है। प्रत्येक पंचकर्म में करीब एक घंटे का वक्त लगता है।
चिकित्सालय में एक रुपये का पर्चा बनता है, लेकिन निजी पंचकर्म क्लीनिक के सापेक्ष बेहद न्यूनतम दर पर शास्त्रीय और केरलीय क्रिया की जाती है। सुबह नौ से दोपहर तीन बजे तक ही पंचकर्म होता है। सीमित संसाधन और स्टाफ की वजह से 40 लोग लाभ ले पाते हैं।
गुनगुना सरसों का तेल नाक में डालें
सर्दियों में सूखी खांसी, सर्दी, नाक बंद होने की समस्या से निजात के लिए सोने से पहले रोजाना गुनगुना सरसों के तेल की दो बूंदें नाक में डालने से काफी राहत मिलती है। बलगम पिघलता है। नाक बंद नहीं होती। जिन अंगों में दर्द है, वहां गुनगुने सरसों के तेल से या आयुर्वेदिक तेल से मालिश करें। ब्यूरो