देर रात हुआ था विवाद
कैमरा हटाया नहीं गया तो देर रात गांव की एक परचून दुकान पर बैठे दोनों समुदाय के कुछ लोगों में बहस हो गई। कुछ देर में विवाद बढ़ गया और दोनों समुदाय के लोगों में पथराव शुरू हो गया। बीच बचाव करने आई महिला हरप्यारी और इनका नाती राशिद, रियासद शाह, सलमान अली घायल हो गए। सूचना पर थानाध्यक्ष राजेश बाबू मिश्रा भारी फोर्स के साथ मौके पर पहुंच गए। लाठी फटकारने पर उपद्रवी भाग गए। थाना सीबीगंज, भोजीपुरा, शाही, शीशगढ़ की पुलिस भी पहुंच गई। भारी फोर्स को देखकर लोग जंगल में भाग गए।
दो दिन पहले उठाया था गोकशी का मामला
दो दिन पहले गांव के बाहर एक पशु की मौत हो गई थी। कुछ समय बाद उसके शव का एक हिस्सा गायब हो गया। ग्रामीणों की सूचना पर गोरक्षा दल ने गांव पहुंचकर शव देखा और पुलिस से गोकशी की शिकायत की थी। इस मामले में थानाध्यक्ष राजेश बाबू मिश्रा ने पशु मरने के बाद कुत्तों द्वारा शव खाने की बात कहकर मामला शांत कर दिया था, तभी से तनातनी बनी हुई थी।
15 लोगों का किया चालान
इमामगंज में कैमरा लगाने को लेकर हुए विवाद में पुलिस ने गांव निवासी बुंदा शाह, जीशान अली, लियाकत अली, यकीन शाह, चांद बाबू, एहसान अली, मुस्तकीम, कय्यूम, रईस बाबू, इमरान अली, आबिद और दूसरे पक्ष के मंगलसेन, शोभाराम, सुरेंद्र और पास के गांव मड़ौली निवासी राजू का शांतिभंग में चालान कर दिया है।