पुतला दहन और दंगल के लिए अलग से हो सकता है इंतजाम
बैठक में मामला उठा कि जिस जगह पर निगम रामलीला लगाने को कह रहा है। वह जमीन बहुत छोटी है। लाखों की भीड़ होती है, जिससे अव्यवस्था फैल जाएगी। पुतला दहन के लिए तीनों पुतलों के चारों ओर सौ फीट की जगह चाहिए होगी। पुतलों की लंबाई भी काफी होती है, ऐसे में वहां पर पुतला दहन नहीं हो सकेगा। वहीं दंगल के लिए भी अलग जगह देखनी होगी। निगम जो जमीन दे रहा है, वहां सिर्फ दुकानें लग सकती है।
इस पर महापौर ने कहा कि आप काम कराना शुरू करें, एक नक्शा बनवाएं। प्लान बनाने के बाद वह खुद निरीक्षण को पहुंचेंगे और जरूरत पड़ी तो आगे की जमीन या कहीं और जमीन मुहैया कराई जाएगी। महापौर ने यह भी कहा कि जो जमीन दी जा रही है, उसको लिखित तौर समिति को ही रामलीला को सौंप देंगे।
महापौर उमेश गौतम ने कहा कि मेला समिति के पदाधिकारियों से बातचीत हुई है। वह निगम की ओर से दी जाने वाली जमीन को छोटा बता रहे हैं। सहमति बनी है कि हम जमीन को व्यवस्थित करवा कर फिलहाल दे रहे हैं। वहां पर आयोजन के लिए भूमिका तैयार करें, जरूरत पड़ने पर और जगह दी जाएगी। हमें इससे कोई आपत्ति नहीं है।