पीलीभीत के जंगल से बाहर निकल आतंक का पर्याय बन रहे बाघ की दहशत लगातार जारी हैं। बृहस्पतिवार को खेत में साथी मजदूर के साथ गन्ने की छिलाई कर रहे मजदूर हरिओम पर बाघ द्वारा किए गए हमले की घटना के बाद से कई गांवों में दहशत का माहौल है।
महुआ समेत आस पास गांव की सीमा क्षेत्र के किसानों में बाघ की दहशत साफ दिख रही हैं। किसान व मजदूर बाघ के भय से अपने खेतों में खड़े गन्ने की छिलाई कराने से कतरा रहे हैं।
जिसके चलते घटना के दूसरे दिन क्षेत्र के खेतों में गन्ने की छिलाई बंद रही। टाइगर रिजर्व की माला रेंज से दूर गजरौला क्षेत्र के आधा दर्जन गांव की सीमा क्षेत्र में बाघ आतंक पर्याय बना हुआ हैं।
गन्ना का पेराई सत्र शुरु होने के बाद से ही किसानों ने गन्ने की फसल को कटवाना शुरू कर दिया है। बाघ की दहशत के चलते बमुश्किल मजूदर छिलाई कार्य के लिए तैयार हो रहे हैं।