पूरनपुर मंडी समिति में सूना पड़ा गेहूं खरीद केंद्र।
- फोटो : PILIBHIT
पूरनपुर। बाजार में गेहूं का रेट समर्थन मूल्य से अधिक होने पर ढाई माह में खरीद के लक्ष्य के सापेक्ष 0.6 प्रतिशत खरीद हुई थी। खरीद बढ़ने के लिए गेहूं खरीद का समय पखवाड़ा बढ़ाया गया। मगर इस बढ़े समय (अब तक 11 दिन) में जिले के किसी खरीद केंद्र पर एक दाना तक नहीं खरीदा गया।
एक अप्रैल से जिले में शुरू हुई गेहूं खरीद के लिए जिले में 133 खरीद केंद्र खोले गए। गेहूं का समर्थन मूल्य 2015 रुपये प्रति क्विंटल घोषित किया गया था। 24 घंटे में डीबीटी के माध्यम से किसानों के खातों में भुगतान की व्यवस्था की गई। जिले में गेहूं खरीद का लक्ष्य 2.31 लाख मीट्रिक टन रखा गया। मगर इस बार शुरू से ही घोषित समर्थन मूल्य से बाजार में गेहूं का रेट अधिक रहा। यूक्रेन-रूस के युद्ध के चलते क्षेत्र का भारी मात्रा में गेहूं विदेश भेजने के लिए गुजरात के कांडला बंदरगाह भेजा गया। बाहर के व्यापारियों ने क्षेत्र के व्यापारियों से भारी मात्रा में गेहूं की खरीद की। व्यापारियों ने किसानों के खेतों और घरों में पहुंचकर गेहूं खरीदा।
इससे गेहूं खरीद का लक्ष्य होना तो दूर लक्ष्य के एक प्रतिशत भी गेहूं की खरीद नहीं हुई। शुरू में अफसरों, कर्मचारियों ने खरीद बढ़ाने की मेहनत की। खरीद न बढ़ने पर अफसर, कर्मचारी भी शांत होकर बैठ गए। हालंाकि खरीद के प्रयास के कागजी घोड़े जरूर दौड़ते रहे। परिणाम स्वरूप जिले की गेहूं खरीद 2.31 लाख मीट्रिक टन के सापेक्ष मात्र 1372 मीट्रिक टन ही गेहूं खरीदा जा सका। गेहूं की खरीद बढ़े और अगर कोई किसान गेहूं बिक्री करने को रह गया। इसके लिए पखवाड़ा भर गेहूं की खरीद बढ़ाई गई। मगर बढ़ी समय सीमा के रविवार को 11 दिन पूरे होने के बाद जिले के किसी खरीद केंद्र पर एक दाना भी गेहूं की खरीद नहीं हुई।
खरीद शुरू होने पर गेहूं की खरीद 15 जून तक कराने का निर्णय लिया गया था। किसानों को सहूलियत देने को 15 जून के बाद खरीद की समय सीमा बढ़ाकर 30 जून की गई। मगर इस बढ़े हुए दिनों में अब तक कोई किसान जिले के किसी खरीद केंद्र पर गेहूं की बिक्री करने को नहीं आया। -ज्ञानचंद्र वर्मा, डिप्टी आरएमओ