बरेली। 2022 के विधानसभा चुनाव के बाद जो नेता खुद को जनता के मुद्दों से अलग कर लिए थे। लोकसभा चुनाव 2024 में भी कुछ समय के लिए ईंद के चांद की तरह नजर आए। अब हाईकमान से पीडीए चर्चा और मासिक बैठकों में मौजूदगी को टिकट दिए जाने के लिए आधार बनाए जाने का संकते मिलने के बाद अचानक से दावेदारी में लगे नेता नजर आने लगे हैं। इनमें पूर्व में जनप्रतिनिधि रह चुके नेता भी शामिल हैं। यह सक्रियता भी सबसे अधिक कैंट, भोजीपुरा और शहर विधानसभा में दिख रही है।
जनवरी में जब पीडीए चर्चा की शुरूआत हुई, तब केवल संगठन से जुड़े पदाधिकारी ही इसका नेतृत्व कर रहे थे। स्थानीय कार्यकर्ताओं के अलावा बैठकों में कोई नहीं दिखता था। अब राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने 2027 के विधानसभा के लिए अभी से टिकटों के उम्मीदवारों के चेहरे तय करने के लिए पीडीए चर्चा व मासिक बैठकों में उनकी जमीनी स्तर पर भागीदारी का आकलन करने के निर्देश दिए। इसके बाद से अचानक से अब इन बैठकों में पूर्व मेयर, पूर्व विधायक से लेकर कई प्रमुख चिकित्सक, समाजसेवी भी इन बैठकों में पहुंचने लगे हैं। शुक्रवार को सपा कार्यालय में भोजीपुरा विधायक शहजिल इस्लाम और उनके खिलाफ बयान देकर खुद की टिकट की सार्वजनिक दावेदारी करने वाले पूर्व विधायक सुल्तान बेग मासिक बैठक में पहुंचे। जिलाध्यक्ष शिवचरन कश्यप का कहना है कि सभी पदाधिकारी और जनप्रतिनिधि एकजुट होकर पीडीए चर्चा और अखिलेश का उनके नाम पर्चा हर घर तक पहुंचाने का प्रयास कर रहे हैं। अब टिकट किसको मिलेगी, यह अभी बहुत दूर की बात है। यह फैसला राष्ट्रीय अध्यक्ष को ही लेना है।
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कैंट के कटरा चांद खां में हुई पीडीए चर्चा
रविवार को कैंट विधानसभा के कटरा चांद खां में पीडीए चर्चा रही। यह आयोजन एससी एसटी प्रकोष्ठ के महानगर अध्यक्ष सुनील सागर ने किया। इसमें महानगर अध्यक्ष शमीम खां सुल्तानी ने समाज के लाभ के लिए पीडीए को मजबूत करने की बात कही। इस दौरान शहर से 2022 में विधानसभा प्रत्याशी रहे राजेश अग्रवाल पार्षद, चिकित्सा सभा के जिलाध्यक्ष व टिकट के लिए दावेदारी कर रहे डॉ. अनीस बेग भी इसमें शामिल हुए।
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