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मोदी जी! सिस्टम ही नहीं चाहता कि गरीब आपकी वाहवाही करें 

Sat, 28 Apr 2018 07:12 PM IST
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,बरेली
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प्रधानमंत्री आवास बनवाने का श्रेय पाने की पीएम और सीएम की मंशा पर अफसर पानी फेर रहे हैं। आवासों के बाहर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ के फोटो की पेंटिंग करानी थी, लेकिन डीआरडीए के अधिकारियों ने ऐसा करने के बजाय स्टीकर छपवा लिए हैं। प्रत्येक स्टीकर पर पीएम और सीएम के फोटो बने हैं। इन्हें आवासों के बाहर लगवाने के लिए ब्लॉकों में भेजा जा रहा है, जबकि कागज के ये स्टीकर बमुश्किल दो दिन भी आवासों की दीवारों पर नहीं टिक सकेंगे। इसके पीछे वजह यह भी है कि पेंटिंग कराने में करीब 25 लाख रुपये के खर्च का आंकलन था, जबकि स्टीकर छपवाने की तरकीब से सारा खर्च पांच लाख में ही निपटा लिया गया है।  
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चुनावी साल में सरकार पब्लिक की वाहवाही हासिल करने का कोई मौका नहीं छोड़ना चाह रही है। इसी मंशा से प्रधानमंत्री आवास योजना में बनवाए गए 4761 घरों के बाहर पीएम और सीएम के फोटो की पेंटिंग कराई जानी थी। जिला ग्राम्य विकास अभिकरण (डीआरडीए) को इसके आदेश डेढ़ माह पहले ही मिल गए थे लेकिन विभागीय अफसरों ने इस पर काम नहीं कराया। बताते हैं कि एक आवास के बाहर पीएम और सीएम की फोटो बनाने में एक पेंटर कम से कम पांच सौ रुपये ले रहा था। इससे इस पूरे काम का खर्च 25 लाख रुपये आ रहा था। डर इस बात का भी था कि अगर दोनों वीवीआईपी की तस्वीर सही नहीं बनीं तो बाद में फजीहत होगी। इसलिए अफसरों ने बीच का रास्ता निकालते हुए करीब पांच हजार स्टीकर छपवा लिए हैं। ऐसा करके अधिकारियों ने करीब पांच हजार पेंटिंग बनवाने में लगने वाला लंबा वक्त बचाने के साथ ही 25 लाख का काम पांच लाख रुपये में ही निपटा लिया है। यह बात अलग है कि आवासों के बाहर लगाए जाने वाले कागज के ये स्टीकर दो दिन भी नहीं चलेंगे। इससे पीएम और सीएम की श्रेय पाने की मंशा पर भी पानी फिर रहा है। 
 
मध्यप्रदेश में टायल्स में छपवाए गए थे टिकाऊ फोटो 
मध्यप्रदेश सरकार को भी अपने यहां प्रधानमंत्री आवासों के बाहर पीएम और सीएम के फोटो की पेंटिंग करानी थी। पेंटर का खर्च और इस काम में लगने वाले लंबे समय से बचने के लिए प्रदेश सरकार ने वहां टायल्स पर फोटो छपवा लिए थे। ये टिकाऊ होने के साथ ही देखने में भी खूबसूरत थे, लेकिन यहां अधिकारियों ने ऐसा कुछ नया सोचने के बजाय केवल खानापूर्ति कर दी है। इससे सरकारी रकम का भी दुरुपयोग हो रहा है। 
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प्रत्येक आवास पर सरकार देती है 1.20 लाख 
गरीबों के सिर पर पक्की छत देने के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 1.20 लाख रुपये की सब्सिडी दी जाती है। प्रत्येक ब्लॉक में हर साल इस योजना में लोगों का चयन कर उनके आवास बनवाए जाते हैं। प्रत्येक लाभार्थी को तीन किस्तों में पैसा दिया जाता है। 

पीएम और सीएम के फोटोयुक्त स्टीकर की क्वालिटी बढ़िया है। इसकी संभावना थी कि इतनी बड़ी तादाद में आवासों के बाहर तस्वीर बनाने में पेंटिंग में खामी हो सकती थी, इसलिए स्टीकर छपवा कर बीडीओ को दिए जा रहे हैं। - वीरेंद्र कुमार, परियोजना अधिकारी, डीआरडीए 
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