बरेली। ग्राम पंचायतों के विकास कार्यों में घपलेबाजी करने वाले दो प्रधान, पंचायत सचिव व अन्य लोगों के विरुद्ध जल्द ही कार्रवाई हो सकती है। डीएम ने दोनों प्रधानों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। प्रधानों में शेरगढ़ ब्लाॅक की ग्राम पंचायत सिमरावां की अनवरी उर्फ हाजरा और नवाबगंज की ग्राम पंचायत चुनुआ के हेतराम हैं।
सिमरावां गांव में पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी व सहायक अभियंता पीडब्ल्यूडी पंकज वर्मा ने जांच की है। जांच में पाया कि ग्राम पंचायत में सफाई कार्य के नाम पर 30 हजार रुपये खर्च दिखाया है, लेकिन गांव में जगह-जगह कूड़ा-करकट है। नाला कूड़े से पटा है। राजकीय हाईस्कूल के सामने गंदगी है। प्राथमिक विद्यालय परिसर में बिना रेत व बजर फुट डाले ही इंटरलॉकिंग बिछा दी गई। इसमें 22,672 रुपये का गबन हुआ। मो. हनीफ की दुकान से मुन्ना लाल के घर तक सीसी रोड बनाने में भी घपलेबाजी की पुष्टि हुई है। ऐसे ही अन्य लोगों के घर तक बनाए गए सीसी रोड व इंटरलॉकिंग कार्य में अनियमित भुगतान होना पाया गया है। वहीं, चुनुआ ग्राम पंचायत की जांच डिप्टी आरएमओ और सहायक अभियंता रुहेलखंड नहर खंड ने की है। यहां नहर खुदान के कार्य में एक-दो नहीं बल्कि चार एस्टीमेट बनाए गए। इसलिए पंचायत सचिव भगवानदास के साथ ही तकनीकी सहायक मो. अजहमत अली भी दोषी ठहराए गए हैं। गांव में सीसी रोड और इंटरलॉकिंग निर्माण में भी गबन होने की पुष्टि हुई है। संवाद
चुनुआ के अमृत सरोवर पर अतिक्रमण
अमृत सरोवर कम से कम एक एकड़ क्षेत्र में बनाने का नियम है, लेकिन चुनुआ गांव में अमृत सरोवर काफी कम क्षेत्र में बना है। इस पर अतिक्रमण भी है और सरोवर में जलकुंभी है। प्राथमिक स्कूल के लिए खरीदा गया फर्नीचर निम्न क्वालिटी का है। 24 लाख रुपये से निर्मित हो रहे अंत्येष्टि स्थल पर पीला ईंटों का प्रयोग होता मिला। 12 लाख रुपये से बन रहे आंगनबाड़ी केंद्र निर्माण में भी गुणवत्ता की कमी मिली है।