बरेली। फर्जी खाद्य विक्रेता लाइसेंस, पंजीकरण के मामलों पर अंकुश लगाने के लिए भारतीय खाद्य सुरक्षा मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) के निर्देशानुसार अब क्यूआर कोड लगे प्रमाणपत्र जारी होने लगे हैं। इसे स्कैन कर खाद्य विक्रेता के बारे में पूरी जानकारी मिल सकेगी।
मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी अक्षय गोयल के मुताबिक खाद्य व्यवसाय के लाइसेंस और पंजीकरण की प्रक्रिया को पारदर्शी और सुरक्षित बनाने के लिए एफएसएसएआई ने नई व्यवस्था शुरू की है। क्यूआर कोड के जरिये डेटाबेस में खाद्य व्यवसाय संचालक के लाइसेंस और पंजीकरण का विवरण स्कैन कर देखा जा सकेगा। इससे किसी तरह के फर्जीवाड़े की गुंजाइश नहीं होगी।
प्रमाणपत्र पर क्यूआर कोड के 14 अंकों के पंजीकरण नंबर के साथ खाद्य विक्रेता की तस्वीर होगी। साथ ही, एफएसएसएआई ने फूड सेफ्टी कंप्लायंस सिस्टम पोर्टल भी लांच किया है। जहां, खाद्य कारोबारी व्यवसाय के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। पंजीकृत कारोबारी भी अपने खाद्य कारोबार की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। फूड सेफ्टी कनेक्ट एप भी दुकानों पर लग रह है।
जांच में अधोमानक मिले एक तिहाई खाद्य पदार्थ
मई और जून में लिए गए खाद्य पदार्थों के सैंपल में से जुलाई में 32 की रिपोर्ट मिली। इसमें 12 अधोमानक मिले। खाद्य सुरक्षा अधिकारी के मुताबिक कर्मचारी नगर से लिए गए धनिया पाउडर, इज्जतनगर से लिए बेसन, आटा, सीबीगंज से लिए मैदा, भमोरा से चाय की पत्ती, बारादरी से मिर्च, डेलापीर से हल्दी, बकैनिया से अरहर की दाल समेत अन्य क्षेत्रों से लिए नमूने अधोमानक मिले। मिलावटखोरों पर कार्रवाई की तैयारी है। ब्यूरो