सदर प्रथम में अकृषक भूमि पर 20 फीसदी तक बढ़ोतरी
सदर प्रथम उप निबंधक क्षेत्र में अकृषक भूमि की महत्ता और उपयोगिता के आधार पर मूल दरों में 0 से 20 प्रतिशत तक वृद्धि की गई है। कृषि भूमि की दरों में भी 0 से 12 प्रतिशत तक बढ़ोतरी की गई। वाणिज्यिक एकल भूमि में औसतन 10 प्रतिशत और वाणिज्यिक भवनों के कॉम्पोजिट रेट में औसतन पांच प्रतिशत तक वृद्धि की गई है। निर्माण दरों में भी 0 से 10 प्रतिशत तक बदलाव किया गया है।
सदर द्वितीय क्षेत्र में अकृषक, कृषि और वाणिज्यिक एकल भूमि की दरों में 0 से 20 प्रतिशत तक वृद्धि का प्रावधान किया गया है। वाणिज्यिक भवनों के कॉम्पोजिट रेट में भी 0 से 16 प्रतिशत तक बढ़ोतरी की गई है।
आंवला में औद्योगिक कॉरिडोर के गांवों पर सबसे ज्यादा असर
आंवला क्षेत्र में सामान्य तौर पर अकृषक, वाणिज्यिक और अन्य श्रेणी की जमीन की दरों में करीब 10 प्रतिशत तक वृद्धि की गई है। सबसे महत्वपूर्ण बदलाव औद्योगिक कॉरिडोर से जुड़े क्षेत्रों में है। यहां चयनित गांवों की कृषि भूमि की दरों में अलग-अलग वृद्धि की गई है। भमोरा में करीब पांच प्रतिशत, जबकि शेष नौ चयनित गांवों में कृषि भूमि की दरों में करीब 25 प्रतिशत तक वृद्धि हुई है। यह जिले में प्रस्तावित बढ़ोतरी की सर्वाधिक दर बताई गई थी।
मीरगंज में 10 से 20 फीसदी तक बढ़ी दरें
मीरगंज तहसील में कृषि और अकृषक भूमि की दरों में 10 से 20 प्रतिशत तक वृद्धि की गई है। अन्य श्रेणी की भूमि में भी करीब 20 प्रतिशत तक बढ़ोतरी की गई। चिह्नित मार्गों पर स्थित जमीन की दरों को बाजार मूल्य के अनुरूप करने का प्रावधान किया गया है।
एक नजर में
- वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए नई सर्किल दरें
- जिले की छहों तहसीलों में संशोधन
- कई क्षेत्रों में 5 से 20 फीसदी तक वृद्धि
- आंवला के औद्योगिक कॉरिडोर से जुड़े नौ गांवों में 25 फीसदी तक वृद्धि
- डोहरा रोड क्षेत्र में 20 फीसदी तक बढ़ोतरी
- बहेड़ी में चार नए रोड सेगमेंट
- नवाबगंज में कई क्षेत्रों को विकासशील श्रेणी में शामिल किया गया
एआईजी स्टाम्प पूनम सिंह ने बताया कि प्रस्तावित दरों पर आपत्तियों के निस्तारण के बाद नई दरों को अंतिम रूप दिया गया। नई दरें एक सितंबर मंगलवार से प्रभावी हो जाएंगी।