केस-1: डबल आईडी से भी बना दिए बकाएदार
राजेंद्रनगर के भवन संख्या ए-250 के निवासी अनिल कुमार ने बताया कि उनके मकान के दो आईडी नगर निगम ने बना दिए। एक आईडी पर वह लगातार टैक्स जमा कर रहे हैं और दूसरी आईडी को निरस्त करने की मांग कर रहे हैं, लेकिन प्रार्थना पत्र देने के तीन महीने बाद भी कुछ नहीं हुआ है। दूसरी आईडी पर 1,22,592 का बकाया दर्शाया गया जबकि उन पर एक भी रुपया बकाया नहीं है। वह 31 मार्च 2024 तक का टैक्स जमा कर चुके हैं।