रिछा में लगातार फॉगिंग, एंटी लार्वा के छिड़काव की मांग अनसुनी, नाम नोट कर वापस लौटी टीम
डेंगू के करीब दर्जन भर संदिग्ध मरीजों की जांच में एक व्यक्ति रैपिड जांच में मिला पॉजिटिव
बरेली/नवाबगंज/रिछा। बुखार के बढ़ते प्रकोप की रोकथाम के लिए प्रदेश के ऊर्जा मंत्री और जिले के प्रभारी मंत्री पंडित श्रीकांत शर्मा की ओर से दी गई हिदायत का जिम्मेदारों पर कोई असर नहीं दिख रहा। घरों से मच्छरों के भगाने का दावा अफसर कर रहे हैं लेकिन खाली पड़े मैदान, तालाबों में पनप रही मच्छरों की नर्सरी दिखाई नहीं दे रही। रविवार को अमर उजाला टीम ने हकीकत की पड़ताल की तो दावों की पोल खुली।
अमर उजाला की टीम सबसे पहले नवाबगंज पहुंची। यहां जर्जर बस स्टैंड का मैदान इलाके के गंदे पानी से तालाब बन चुका है। इसमें मच्छरों के लार्वा पनपते दिखाई दिए। क्षेत्र के अन्य छोटे-बड़े तालाब का भी कमोवेश यही हाल दिखाई दिया। पास के मोहल्ला गंगवार कॉलोनी में लोगों से बातचीत की गई तो करीब दर्जन भर लोगों के बुखार से ग्रसित होने की जानकारी मिली। लोगों ने बताया कि वह सीएचसी समेत अन्य निजी अस्पतालों से बुखार का इलाज करा रहे हैं। बताया कि अभी तक नगर पालिका ने फॉगिंग या एंटीलर्वा का छिड़काव नहीं कराया है। कहा, मच्छरों के चलते शाम होने पर घर से बाहर नहीं निकल रहे हैं।
उधर, बस स्टैंड के पास रहने वालों लोगों का कहना था कि गंदे पानी भरने से मच्छरजनित रोगों के साथ ही, संक्रामक बीमारी फैलने की आंशका जता रहे हैं। क्षेत्र में बढ़ रहे बुखार के मरीजों की तादाद को देखते हुए लोगों में बुखार की दहशत हावी है। बताया कि लोग बुखार होने पर सीएचसी पर जांच करा रहे हैं। जलभराव से परेशान लोगों ने एसडीएम को शिकायती पत्र देकर नगर में फॉगिग, छिड़काव कराने की मांग की है।
बुखार पीड़ितों के नाम नोट कर वापस लौटे स्वास्थ्यकर्मी
बरेली-नैनीताल फोरलेन किनारे स्थित रिछा के कनमन गांव की बुखार से ग्रसित नौ वर्षीय सुहानी की मौत हो गई थी। टीम को लोगों ने बताया कि पिछले करीब 15 दिन से गांव में बुखार का प्रकोप हावी है। बड़े बुजुर्ग और बच्चों को मिलाकर करीब 15 लोग बुखार से ग्रसित हैं। एक बच्ची की मौत के बाद शनिवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव में पहुंची और बुखार पीड़ितों की जांच के बजाय नाम नोट कर चले गए। जिससे लोगों में स्वास्थ्यकर्मियों के इस रवैये को लेकर आक्रोश है। सीएचसी प्रभारी डॉ. आरके वर्मा ने बताया कि जांच के लिए चिकित्सक मौजूद नहीं थे, इसलिए सभी को सीएचसी पर बुलाया गया है।
उपकेंद्र ही है बीमार, परिसर में लगा है गंदगी का अंबार
कनमन गांव में स्थित स्वास्थ्य उपकेन्द्र बेहद जर्जर हालत में मिला। इसके आसपास गंदगी का अंबार लगा हुआ है। ग्रामीणों ने बताया कि यहां एक एएनएम तैनात है जो कभी-कभार ही आती है। पूछने पर खुद को टीकाकरण की ड्यूटी में बता देती है। बताया कि करीब 15 सालों से उपकेंद्र की हालत जर्जर है। कई बाद अफसरों से यहां चिकित्सक की तैनाती करने की मांग हुई पर अब तक सुनवाई नहीं हुई है। स्वास्थ्य विभाग से कारगार कदम नहीं उठाए जाने से निजी चिकित्सकों से लोगों के इलाज कराने की बात कही है। उन्होंने सीएचसी पर भी मरीजों के इलाज में अनाकानी और दुर्व्यवहार किए जाने की बात कही है।
आशंका : गंदगी में पल रहे मच्छर, फैला रहे डेंगू बुखार
गांव में जगह-जगह गंदगी का अंबार और गलियां कीचड़ से भरी हुई मिलीं। लोगों को इस गंदगी के बीच से होकर ही निकलना पड़ता है। यह स्थिति तब है जब जिला प्रशासन की ओर से ग्राम प्रधानों को प्रत्येक गांव में जलनिकासी और साफ सफाई की बेहतर व्यवस्था करने के स्पष्ट निर्देश मिले हैं। ग्रामीणों का कहना है कि अफसर इसी मार्ग से होकर आते जाते हैं लेकिन उन्हें यह गंदगी और जलभराव नजर नहीं आता है।
जांच के लिए ले गए सीएचसी, वापस घर भेज दिया
गांव के चन्द्रपाल गंगवार की बेटी छाया पिछले कई दिनों से बुखार से पीडित है। छाया की दादी शिवदेवी ने बताया कि रविवार को रिछा से डॉक्टर गांव आए थे। उन्होंने छाया के बुखार से ग्रसित होने की जानकारी दी तो उन्होंने जांच के लिए सीएचसी पर बुला लिया। बताया कि उनके आश्वासन पर वह पोती को लेकर रिछा सीएचसी पहुंची पर वहां पर जांच ही नहीं की गई और न दवाएं दी। निजी अस्पताल से दवा लेकर आए।
एक डेंगू संदिग्ध, 12 मरीज मिले मलेरिया पीड़ित
जिला अस्पताल में रविवार को फिर एक व्यक्ति डेंगू संदिग्ध मिला है। एलाइजा जांच के लिए उसका सैंपल सोमवार को लखनऊ लैब भेजा जाएगा। इसके अलावा जिला अस्पताल में एक व्यक्ति और चल रही डीबीसी अभियान के तहत बुखार पीड़ितों की जांच में 12 लोग मलेरिया पीड़ित मिले हैं। डेंगू संदिग्ध को वार्ड में भर्ती किया है। अन्य सभी को दवाएं और संक्रामक रोगों से बचाव सुझाव देकर घर भेज दिया है।