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बस में महिला सिपाही से छेड़खानी-मारपीट फिर भी आरोपियों पर केस शांति भंग का

सार

पीलीभीत में तैनात है सिपाही, रात 11 बजे नवाबगंज में हुई घटना, हमलावरों ने एक घंटे हाईवे पर रोके रखी बस
 
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demo photo - फोटो : सोशल मीडिया
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नवाबगंज में बड़े कारोबारियों के बेटे हैं आरोपी इसलिए बैकफुट पर आई पुलिस
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रविवार की छुट्टी में भी दोनों आरोपियों को एसडीएम कोर्ट से मिल गई जमानत
नवाबगंज। रात 11 बजे बरेली से पीलीभीत जा रही रोडवेज बस को नवाबगंज में रोककर कुछ लड़कों ने सादा कपड़ों में बस में बैठी महिला सिपाही को पीट दिया। उसे बचाने आए ड्राइवर-कंडक्टर को भी पीटा। यात्रियों के मुताबिक इससे पहले चलती बस में लड़कों ने सिपाही से छेड़खानी की थी जिसके बाद उसने एक लड़के को थप्पड़ मार दिया था।
यह मामला पुलिस तक पहुंचा तो उसकी हवा निकल गई। मौके से गिरफ्तार दो लड़कों का शांति भंग करने के आरोप में चालान कर मामला निपटा दिया गया। पुलिस ने इसे छेड़खानी का मामला नहीं माना। इस दौरान यह भी पता चला कि बस में उत्पात करने के बाद मौके पर ही पकड़े गए आरोपी अरमान और आसिफ नवाबगंज के ही मोहल्ला कारान के बड़े कबाड़ियों के बेटे हैं जिनका थाने में भी उठना-बैठना है।
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शोहदों के उत्पात के बाद बस करीब एक घंटे तक मौके पर ही खड़ी रही। बस के अन्य यात्रियों और ड्राइवर-कंडक्टर के मुताबिक पीलीभीत में तैनात महिला सिपाही सादा कपड़ों पर बरेली से पीलीभीत जा रही थी। बरेली से बस निकलने के बाद ही शोहदों ने महिला सिपाही से छेड़खानी शुरू कर दी। महिला सिपाही के विरोध के बावजूद उनकी हरकतें नहीं रुकी तो उसने एक शोहदे को थप्पड़ जड़ दिया। इस पर बस में हंगामा शुरू हो गया लेकिन कुछ यात्रियों ने बीचबचाव कर शोहदों को अलग बैठा दिया।
इस घटना से बौखलाए शोहदों ने अपने साथियों को फोन करके नवाबगंज में हाईवे पर बुला लिया। जैसे ही बस नवाबगंज बाईपास चौराहे पर पहुंची तो उन्होंने बस रुकवा ली, नीचे पहले से खड़े उनके पांच-छह साथी भी बस में घुस आए। उन्होंने ड्राइवर से बस की चाबी छीनने की कोशिश करते हुए महिला सिपाही को थप्पड़ पर थप्पड़ जड़ने शुरू कर दिए। उसके साथ छेड़खानी भी की। सहमे यात्री लड़कों को तो नहीं रोक पाए लेकिन पुलिस को सूचना दे दी। कुछ देर बाद पहुंची पुलिस ने दो शोहदों को पकड़ लिया। बाकी हमलावर बस से कूदकर भाग निकले।
मारपीट-छेड़खानी के बाद बस में ही रोई सिपाही, तहरीर दी पर नहीं लिखी रिपोर्ट
पहले छेड़खानी और फिर मारपीट होने के बाद महिला सिपाही बस में ही रोने लगी। यात्रियों ने उसे ढाढ़स बंधाया। दो शोहदों के पकड़े जाने के बाद महिला सिपाही ने थाना नवाबगंज जाकर पुलिस को तहरीर दी लेकिन पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज नहीं की। बताया जाता है कि शोहदों को गिरफ्तार करते ही पुलिस के पास सिफारिशें पहुंचने लगीं। दोनों आरोपियों के रसूखदार परिवारों के बेटे होने की वजह से पुलिस बैकफुट पर आ गई। अंतत: शांति भंग करने के आरोप में कार्रवाई कर मामला निपटा दिया गया। इसके बाद रविवार को छुट्टी का दिन होने के बावजूद दोनों आरोपियों को एसडीएम कोर्ट से जमानत भी मिल गई।
... और किसे कहेंगे छेड़खानी
इंस्पेक्टर नवाबगंज अशोक कुमार कम्बोज का कहना है कि बस में महिला सिपाही पर फब्तियां कसी गई थीं। इसी पर विवाद हुआ था। एसपी देहात राजकुमार अग्रवाल का कहना है कि महिला सिपाही की गर्दन पर एक लड़के का हाथ लग गया था। इस पर उसने लड़के को पीट दिया। सवाल यह है कि फब्तियां कसने और गर्दन पर हाथ मारने को भी छेड़खानी नहीं कहेंगे तो किसे कहेंगे। इंस्पेक्टर नवाबगंज ने महिला सिपाही की तहरीर मिलने से इनकार करते हुए बताया कि बाकी आरोपियों को तलाश किया जा रहा है।
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बस रुकवाकर हंगामा कर रहे दो लड़कों को पुलिस ने पकड़ा था लेकिन महिला सिपाही ने तहरीर देने से मना कर दिया। इसकी वजह से दोनों लड़कों का शांति भंग करने के आरोप में चालान किया गया है। - राजकुमार अग्रवाल, एसपी देहात
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