इंटरनेट के दौर में साइबर अपराध तेजी से बढ़ा है। इससे बचाव सावधानी और सजगता बेहद जरूरी है। अमर उजाला बरेली कार्यालय में बुधवार को आयोजित कार्यशाला में साइबर विशेषज्ञ शालू रानी ने साइबर सुरक्षा के उपाय बताए।
हर वक्त आपके करीब रहने वाला मोबाइल फोन हर गतिविधि को सुन और समझ रहा है। वह आपका मित्र भी है और दुश्मन भी। इसे सावधानी से चलाएं। खासतौर से इंटरनेट का उपयोग करने में होशियारी दिखाएं। बरेली आईजी रेंज के कार्यालय में सोशल मीडिया सेल की प्रभारी व साइबर विशेषज्ञ शालू रानी ने ये बातें अमर उजाला कार्यालय परिसर में आयोजित साइबर क्राइम जागरूकता कार्यशाला के दौरान कहीं।
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उन्होंने बताया कि होटल-टैक्सी बुकिंग व अन्य कई काम के लिए हमें आधार कार्ड व अन्य जरूरी आईडी देनी पड़ती है। इसी तरह मोबाइल फोन पर एप डाउनलोड करते वक्त भी गैलरी, फोनबुक व अन्य जानकारियां मांगता है। ऐसे में हमारा डाटा सार्वजनिक हो जाता है। जब ये डाटा साइबर ठगों के पास पहुंचता है तो वे आपकी मेहनत की कमाई उड़ा देते हैं।
ऐसे में निजी जानकारी कहीं भी शेयर करने से बचें। अगर कोई ठगी हो जाए तो तत्काल साइबर क्राइम हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं। जितनी जल्दी आप शिकायत करेंगे, आपका रुपया सुरक्षित होने की संभावना बढ़ेगी। शालू रानी के साथ आए सहयोगी ध्रुव कुमार ने भी डिजिटल अरेस्ट व अन्य तरीकों से हो रही ठगी के बारे में जानकारी दी।