मंडनपुर के कुछ और लोग भी इस व्यक्ति के साथ एसडीएम से मिलने पहुंचे थे। ग्रामीणों ने बताया कि गांव में मिश्रित आबादी है। श्मशान घाट नहीं होने से अंतिम संस्कार में कठिनाई होती है। गांव में श्मशान के लिए जगह आरक्षित है, मगर दूसरे समुदाय के लोगों ने इसे कब्रिस्तान में मिला लिया है।
ग्रामीणों ने पैमाइश कराकर श्मशान की भूमि अलग करने की मांग की। आरोप है कि शिकायत सुनते ही एसडीएम भड़क गए। उन्होंने एक व्यक्ति को ‘मुर्गा’ बनवा दिया। अन्य लोगों से भी अभद्रता की। इससे नाराज ग्रामीणों ने उनके कार्यालय के बाहर नारेबाजी भी की।
एसडीएम बोले- वह खुद ही बन गया ‘मुर्गा’
एसडीएम उदित पवार ने बताया कि उन्होंने शिकायतकर्ता को ‘मुर्गा’ बनने के लिए नहीं कहा था। वह खुद ही उनकी मेज के आगे जमीन पर ‘मुर्गा’ बन गया। उसके साथ आए लोगों ने ही इसका वीडियो बनाकर साजिश के तहत वायरल कर दिया। उनकी छवि बिगाड़ने के लिए ऐसा किया गया है। वहीं शिकायत को लेकर एसडीएम ने बताया कि जिस जमीन पर कब्जा किए जाने की बात कही गई, वह कब्रिस्तान के नाम ही दर्ज है।