बरेली। जिले के परिषदीय और कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों में गैस सिलेंडरों की आपूर्ति बाधित होने से मध्याह्न भोजन (मिड-डे मील) पकाने में दिक्कत हो रही है। कई स्कूलों में रसोइयों को पारंपरिक चूल्हों पर खाना बनाना पड़ रहा है। इस समस्या को देखते हुए जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी डॉ. विनीता ने जिला पूर्ति अधिकारी को पत्र भेजकर हस्तक्षेप की मांग की है।
जारी पत्र के अनुसार, जिले में 2,618 विद्यालय पीएम पोषण योजना के अंतर्गत संचालित हैं। इनमें से 2,327 विद्यालयों के किचन में ही भोजन तैयार किया जाता है, जबकि 291 विद्यालयों में स्वयंसेवी संस्थाओं की ओर से भोजन उपलब्ध कराया जाता है। इसके साथ ही, जिले में 18 कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय भी कार्यरत हैं। रिपोर्टों के मुताबिक, कई स्कूलों के प्रधानाध्यापकों, वार्डनों और स्वयंसेवी संस्थाओं ने लिखित शिकायत दर्ज कराई है कि गैस एजेंसियां समय पर सिलिंडर की आपूर्ति नहीं कर पा रही है। इससे स्कूल स्टाफ को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। शिक्षा विभाग ने जिला पूर्ति अधिकारी से अनुरोध किया है कि वह अपने स्तर से गैस एजेंसियों को निर्देश जारी कर सभी संबंधित स्कूलों और संस्थाओं को बिना किसी बाधा के गैस सिलिंडरों की आपूर्ति सुनिश्चित कराएं, ताकि बच्चों के पोषण और भोजन व्यवस्था में कोई व्यवधान न आए।