आंवला। तथ्यों को छुपाकर बनवाए गए ईडब्ल्यूएस प्रमाणपत्र को जांच के बाद तहसीलदार ने निरस्त कर दिया है। प्रमाणपत्र धारक को सूचना देकर इसकी मूल प्रति तहसील कार्यालय में जमा करने के लिए कहा गया है।
बरेली के बिहारीपुर की रहने वाली आकांक्षा दीक्षित ने बीते दिनों मंडलायुक्त को शिकायतीपत्र भेजा था। आरोप लगाया कि डप्टा श्यामपुर गांव के रहने वाले आयुष दीक्षित का प्रमाणपत्र फर्जी है। प्रमाणपत्र धारक ने पिता व परिवार की आय के सही तथ्यों को छुपाकर इसे हासिल किया है।
तहसीलदार ब्रजेश कुमार ने बताया कि शिकायत के आधार पर हुई जांच में पता चला कि आयुष दीक्षित ने 2021-22 में यह प्रमाणपत्र पात्र न होने के बाद भी बनवाया। ऐसे में इसको निरस्त कर दिया गया है। संवाद