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CCA: सीएए लागू होने के बाद बरेली से लेकर लखनऊ तक के मौलानाओं ने दीं प्रतिक्रियाएं, जानें किसने क्या कहा

Mon, 11 Mar 2024 09:30 PM IST
आकाश दुबे अमर उजाला नेटवर्क, बरेली

सार

मौलाना शहाबुद्दीन रजवी ने कहा कि इस कानून का अध्ययन करने के बाद स्पष्ट तौर पर पता चला कि इस कानून से भारत के मुसलमानों का कोई लेना-देना नहीं है बल्कि यह कानून उन लोगों से संबंध रखता है जो अफगानिस्तान, पाकिस्तान, बांग्लादेश से आए हुए लोग जो अभी भारत में रह रहे हैं।
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मौलाना शहाबुद्दीन रजवी - फोटो : वीडियो ग्रैब
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विस्तार
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केंद्र सरकार की ओर से सीएए (नागरिकता संशोधन कानून) लागू किए जाने का बरेलवी उलमा ने स्वागत किया है। ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रजवी ने कहा है कि देश के हर मुसलमान को इसका स्वागत करना चाहिए। यह कानून नागरिकता देता है, छीनता नहीं। इससे भारत के मुसलमानों का कोई लेना-देना नहीं। उन्होंने कहा कि सरकार यह कानून बहुत पहले लागू करना चाहती थी पर देश में विरोध-प्रदर्शन की वजह से ऐसा नहीं हो सका। अब सरकार ने इसका नोटिफिकेशन जारी किया है, जिसका हम स्वागत करते हैं। यह कानून उन लोगों के संबंध में है जो अफगानिस्तान, पाकिस्तान आदि पड़ोसी देशों से आकर भारत में रह रहे हैं। ऐसे लोगों को इस कानून के जरिये नागरिकता दी जाएगी। 

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इस कानून से भारत के मुसलमानों का कोई लेना-देना नहीं: शहाबुद्दीन 
मौलाना शहाबुद्दीन रजवी ने कहा कि इस कानून का अध्ययन करने के बाद स्पष्ट तौर पर पता चला कि इस कानून से भारत के मुसलमानों का कोई लेना-देना नहीं है बल्कि यह कानून उन लोगों से संबंध रखता है जो अफगानिस्तान, पाकिस्तान, बांग्लादेश से आए हुए लोग जो अभी भारत में रह रहे हैं। उनको अब तक नागरिकता नहीं मिली है। ऐसे लोगों को नागरिकता दी जाएगी। मौलाना ने उन लोगों पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि जो लोग मुसलमानों को डरा रहे हैं और गुमराह व भयभीत कर रहें हैं, उनको एक बार क़ानून का मसौदा पढ़ लेना चाहिए फिर उसके बाद उनको समझ में आ जायेगा कि असल कानून की ह़क़ीक़त क्या है, बग़ैर क़ानून का अध्ययन किये कोई बात कहना मुनासिब नहीं है इससे मुसलमान भयभीत होते हैं और देश में अराजकता फैलती है।

मुसलमानों को घबराने की जरूरत नहीं: मौलाना 
मौलाना शहाबुद्दीन रजवी ने आगे कहा कि इस कानून से मुसलमानों को घबराने और परेशान होने की जरूरत नहीं है, कुछ राजनीतिक लोगों का सिर्फ यह मकसद रह गया है कि वह मुसलमानों का वोट हासिल करने के लिए जज्बाती व भड़काऊ और बेबुनियाद बयानबाजी करते हैं मगर अब सियासी ह़ालात बहुत बदल चुके हैं। मौलाना ने आगे कहा कि मैं भारत के तमाम मुसलमानों को मशवरा दे रहा हूं कि हर मुसलमान इस कानून का स्वागत करें।

सीएए लागू होने पर मौलाना खालिद रशीद बोले
नागरिकता संशोधन अधिनियम की अधिसूचना जारी होने पर लखनऊ में ईदगाह के इमाम मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली ने कहा कि मुझे भी अभी ही पता चला है कि गृह मंत्रालय ने इसकी अधिसूचना जारी कर दी है। उन्होंने कहा कि इससे किसी को भी फिक्रमंद होने की जरूरत नहीं है। हमें अपने मुल्क के कानून पर भरोसा होना चाहिए। हालांकि, उन्होंने ये भी कहा कि हम कानून का अध्ययन करेंगे और फिर इस पर कुछ कह पाएंगे। उन्होंने कहा कि सभी को अमन कायम रखना चाहिए और किसी को भी भयभीत होने की आवश्यकता नहीं है।

पश्चिमी यूपी में अलर्ट पर पुलिस-प्रशासन
देश में 'नागरिकता संशोधन अधिनियम' (सीएए) के नियम लागू हो गए हैं। केंद्र सरकार ने सोमवार शाम को नागरिकता संशोधन अधिनियम को लेकर अधिसूचना जारी कर दी है। इसके लिए पोर्टल भी तैयार कर लिया गया है, जिसके जरिए गैर मुस्लिम प्रवासी समुदाय के लोग नागरिकता पाने के लिए आवेदन कर सकेंगे। केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा इसके लिए पूरी तैयारी कर ली है। वहीं सीएए को लेकर पश्चिमी यूपी में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। मेरठ, मुजफ्फरनगर सहित विभिन्न जिलों में पुलिस प्रशासन अलर्ट है। संवेदनशील स्थानों पर पैरामिलट्री फोर्स को तैनात किया गया है।
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मेरा हक फाउंडेशन की बैठक में बांटी गई मिठाई
मेरा हक फाउंडेशन की अध्यक्ष फरहत नकवी ने कहा है कि सीएए कानून भारत के रहने वाले प्रताड़ित नागरिकों के लिए बड़ी सौगात है। रमजान के इस मुबारक महीने में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सीएए का तोहफा दिया है। फरहत का कहना है मुस्लिम समाज के ठेकेदारों ने मुस्लिमों में सीएए का खौफ फैला दिया। सिटीजनशिप अमेनमेंट एक्ट की सही जानकारी न दे कर लोगों को भटकाने का काम किया। जबकि वक्त के साथ किसी भी कानून में बदलाव होना जरूरी है।

उन्होंने कहा कि सिटीजनशिप अमेनमेंट एक्ट प्रताड़ित शरणार्थियों को नागरिकता देना है। किसी की नागरिकता छीनना नहीं। लेकिन सीएए की गलत तस्वीर पेश कर मुस्लिम समाज को अपने ही समाज के ठेकेदारों ने किया गुमराह किया। इस संबंध में गढैया स्थित फाउंडेशन के कार्यालय पर मुस्लिम महिलाओं की बैठक हुई। इसमें सीएए का मुस्लिम महिलाओं ने किया स्वागत किया। साथ ही इसमें शामिल मुस्लिम समाज के लोगो ने एक दूसरे को मिठाई खिला कर खुशी का इजहार किया।
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