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Bareilly News: मौलाना तौकीर रजा बोले- अब तो दुआ भी नहीं करने दे रही हुकूमत

Fri, 17 Nov 2023 04:51 PM IST
मुकेश कुमार अमर उजाला ब्यूरो, बरेली

सार

फलस्तीन के समर्थन में सामूहिक दुआ से पहले मौलाना तौकीर रजा को नजरबंद किया गया था। इस पर उन्होंने कहा कि अगर हमें इतनी भी आजादी नहीं है कि चार आदमी बैठकर दुआ कर सकें तो इससे ज्यादा अन्याय और दमन नहीं किया जा सकता है। यह अन्याय हम किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेंगे।
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मौलाना तौकीर रजा खान - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बरेली में इत्तेहाद-ए-मिल्लत कौंसिल के अध्यक्ष मौलाना तौकीर रजा खां ने शुक्रवार को नजरबंदी जैसे माहौल में 700 लोगों के साथ नौ महला मस्जिद पहुंचकर फलस्तीनियों के हक में सामूहिक दुआ की। इसके बाद मीडिया से बातचीत में कहा कि हुकूमत दुआ भी नहीं करने दे रही है। भाजपा को अमन की दुआ से भी दिक्कत है, ये अफसोस की बात है। 

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फलस्तीनियों के हक में दुआ का कार्यक्रम इस्लामिया इंटर कॉलेज के मैदान में होना था पर बाद में जगह बदल दी गई। मीडिया से बातचीत व मस्जिद में तकरीर के दौरान मौलाना ने इन्हीं बातों को उठाया। कहा कि प्रशासन ने दुआ का स्थान बदला, फिर बैरिकेडिंग कर हमारे लोगों को कार्यक्रम में आने से रोका। मौलाना ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने फलस्तीन के लोगों को रसद पहुंचकर अच्छा काम किया है। वहीं, इस्लामिया मैदान पर कार्यक्रम न होने पर भाजपा को जिम्मेदार ठहराते हुए निंदा की।

ये भी पढ़ें- Bareilly: फलस्तीन के समर्थन में हुई सामूहिक दुआ, मौलाना तौकीर रजा की अगुवाई में जुटे सैकड़ों लोग
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अपील : फलस्तीन के नाम पर चंदा न दें 
मौलाना ने कहा कि फलस्तीन के लोगों को पैसे की जरूरत नहीं है। वहां दुकानें और सामान ही खत्म हो गया है। जो लोग फलस्तीनियों की मदद करना चाहते हैं, वह पैसा न भेजें। वहां के लिए जरूरी सामान व दवाएं आदि भिजवाने की व्यवस्था की जाएगी। इसके लिए केंद्र सरकार के संबंधित जिम्मेदारों से बात करेंगे। उन्होंने कहा कि जानकारी मिली है कि कई लोग अकाउंट नंबर जारी कर सोशल मीडिया के जरिये फलस्तीन के नाम पर चंदा मांग रहे हैं। ऐसे लोगों को कतई चंदा न दें।

अरब देशों के दूतावासों के सामने करेंगे प्रदर्शन
मौलाना ने कहा कि फलस्तीन में घायलों के इलाज की व्यवस्था भी नहीं है। वहां अस्पताल भी धमाकों से उड़ा दिए गए हैं। दुनिया के बाकी देश इस बर्बादी को देख रहे हैं। विरोध करने की खासतौर से अरब देशों की ज्यादा जिम्मेदारी है। इसके बावजूद वह इंसानियत का कत्ल देख रहे हैं। वह दिल्ली में अरब देशों के दूतावासों के सामने प्रदर्शन कर विरोध दर्ज कराएंगे। उन्होंने केंद्र सरकार से इस्राइल से संबंध खत्म करने की मांग भी उठाई।

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छह थानों के प्रभारी और 500 जवान रहे तैनात
आईएमसी नेताओं के घरों से लेकर मस्जिद तक 500 पुलिसकर्मी लगाए गए थे। कोतवाल डीके शर्मा के साथ ही शहर के छह थानों के प्रभारी भी अलग-अलग प्वाइंट पर तैनात रहे। जगह-जगह बैरिकेडिंग की गई थी। खुफिया अमला भी सक्रिय रहा। एडीजी, आईजी व एसएसपी भी स्थानीय अमले के संपर्क में रहे। दंगा नियंत्रण का साजो सामान भी तैयार था। पुलिस सूत्रों के मुताबिक 400 लोग हर शुक्रवार को इस मस्जिद में नमाज अदा करते हैं। इस बार यह संख्या 700 हो गई थी।

आईएमसी पदाधिकारियों के घरों के बाहर रहा पहरा 
मौलाना तौकीर रजा खान समेत पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के घरों के बाहर सुबह से ही पुलिस ने डेरा डाल रखा था। आईएमसी नेता डॉ. नफीस खान, मुनीर इदरीसी, नदीम खान आदि के घरों के बाहर भी फोर्स तैनात रहा। नजरबंदी जैसा माहौल था, हालांकि किसी के आने-जाने पर रोक नहीं लगाई गई। दोपहर ढाई बजे मौलाना तौकीर के साथ ये लोग कार से नौ महला मस्जिद की ओर रवाना हुए।
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