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बरेली बवाल: मौलाना तौकीर रजा की न्यायिक हिरासत 14 दिन और बढ़ी; मुनीर की जमानत अर्जी खारिज

Wed, 10 Dec 2025 10:24 AM IST
मुकेश कुमार संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली

सार

बरेली बवाल प्रकरण के आरोपी मौलाना तौकीर रजा फिलहाल अभी जेल में ही रहना पड़ेगा। कोर्ट ने उसकी न्यायिक हिरासत 14 दिन और बढ़ा दी है। उधर, बवाल से एक दिन पहले जाली लेटरहेड बनाने के आरोपी मुनीर की जमानत अर्जी खारिज हो गई है। 
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मौलाना तौकीर रजा - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बरेली में सीजेएम अलका पांडेय ने 26 सितंबर को शहर में हुए बवाल के आरोपी मौलाना तौकीर रजा की न्यायिक हिरासत 14 दिन और बढ़ा दी है। अब मौलाना की पेशी 22 दिसंबर को होगी। मौलाना तौकीर रजा को 27 सितंबर को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया गया था। कोर्ट ने उसे जेल भेज दिया था। सुरक्षा कारणों से मौलाना को फतेहगढ़ जेल में रखा गया है। 

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मंगलवार को सीजेएम कोर्ट में उसको वीडियो कांफ्रेंस के जरिये पेश किया गया। कोर्ट ने उसकी न्यायिक हिरासत को 14 दिन फिर से बढ़ाने का आदेश दिया। शहर में बवाल के बाद किला, कोतवाली, प्रेमनगर, बारादरी और कैंट थानों में 10 मामले दर्ज किए गए थे। सात मामलों में मौलाना आरोपी है। तीन मामलों में उसकी जमानत मंजूर हो चुकी है। मौलाना के खिलाफ तीन पुराने मामले भी हैं। पांच मामलों में उसकी जमानत अर्जी खारिज हो चुकी है।

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जाली लेटरहेड बनाने के आरोपी मुनीर की जमानत अर्जी खारिज
बवाल से एक दिन पहले आईएमसी प्रमुख मौलाना तौकीर रजा की ओर से फर्जी पत्र जारी करने के आरोपी शहर कोतवाली क्षेत्र के बिहारीपुर मेमरान निवासी मुनीर इदरीशी की जमानत अर्जी को अपर सत्र न्यायाधीश अमृता शुक्ला ने खारिज कर दिया है।

यह भी पढ़ें- UP News: बरेली में आज डिप्टी सीएम, कल मुख्यमंत्री योगी करेंगे दौरा; सुरक्षा में लगेंगे 1200 पुलिसकर्मी

25 सितंबर की शाम को बिहारीपुर करोलान निवासी नदीम खान और किला थाना क्षेत्र के कंघी टोला निवासी नफीस खान ने एक पत्र जारी किया था। इस पर मुनीर इदरीशी के हस्ताक्षर थे। यह पत्र सोशल मीडिया पर भी वायरल हुआ। इसे आईएमसी का आधिकारिक दस्तावेज बताया गया था। शहर में बवाल के बाद फर्जी पत्र जारी करने के आरोप में कोतवाली पुलिस ने मुनीर इदरीशी के खिलाफ मामला दर्ज किया था। उसे 10 नवंबर को गिरफ्तार कर पुलिस ने कोर्ट में पेश किया। कोर्ट ने उसे जेल भेज दिया।

मुनीर ने 13 नवंबर को जमानत अर्जी दी थी, जिसे कोर्ट ने खारिज कर दिया था। इसके बाद उसने वकील के जरिये दोबारा जमानत अर्जी दी। दावा किया कि उसका आईएमसी से कोई ताल्लुक नहीं है। लेटरहेड पर उसके कूटरचित हस्ताक्षर किए गए थे। अभियोजन की ओर से जमानत का विरोध किया गया। दोनों पक्षों को सुनने के बाद कोर्ट ने मुनीर इदरीशी की जमानत अर्जी को खारिज कर दिया है। 
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