पोस्टमार्टम रिपोर्ट: निमोनिया से हुई थी बंदर की मौत
पवांसा में मौत का शिकार हुए बंदर का शव बरेली स्थित सेंटर फॉर एनिमल डिजीज रिसर्च एंड डायग्नोस्टिक को भेजा गया था, ताकि उसकी मौत की वजह स्पष्ट हो सके। फोन पर पोस्टमार्टम रिपोर्ट की जानकारी मिलने के बाद डॉ. एलके गुप्ता ने बताया कि बंदर की मौत निमोनिया से हुई थी।
केले में दी जाएगी निमोनिया से बचाव की दवा
निमोनिया से बंदरों को राहत दिलाने के लिए खिलाना जरूरी है। दवा खिलाने के लिए डॉक्टर अगर किसी बंदर के करीब जाते हैं तो बंदरों का झुंड उन्हें घेर लेता है। इस स्थिति से वाकिफ होने के बाद चिकित्सकों ने बंदरों को केले में दवाई देने का निर्णय लिया है।