दुधवा में कुल 23 पालतू हाथी हैं, जो महावतों, चारा कटर्स और केयर टेकर्स के सीधे संपर्क में रहते हैं। जिनमें इंसान से कोराना संक्रमण की आशंका ज्यादा रहती है। इस बात को ध्यान में रखते हुए संबंधित अधिकारियों व कर्मचारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे लगातार मास्क पहनें, खुद को सैनिटाइज करने के बाद हाथियों के पास जाएं।
स्टाफ बेस कैंप में ही रुकें, कहीं आवागमन न करें। समय-समय पर हाथियों के रहने वाले स्थान को भी सैनिटाइज करें। बेस कैंप में बाहरी लोगों का प्रवेश बंद कर दिया गया है।
जंगल से गुजरने वाले रास्ते लॉक
जंगल के आसपास बसे गांव को जाने के लिए कई रास्ते जंगल से होकर निकलते हैं। डीटीआर प्रशासन ने इन रास्तों को लॉक कर दिया है। केवल आपातकालीन परिस्थितियों में ही इन रास्तों से निकलने दिया जाएगा।
खोजी कुत्ते पर भी ध्यान
कोविड-19 से बचाव के लिए दुधवा के इकलौते खोजी कुत्ते की भी विशेष निगरानी की जा रही है। उसके बांधे जाने वाले स्थान को सैनिटाइज करने के साथ ही केयर टेकर्स को सुरक्षा उपकरण, मास्क और सैनिटाइजर दिया गया है।