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यूपी: वन्यजीवों को कोरोना से बचाने के लिए दुधवा प्रशासन तैयार, रैपिड एक्शन फोर्स का किया गया गठन

Thu, 09 Apr 2020 10:02 AM IST
बरेली ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखीमपुर खीरी
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दुधवा टाइगर रिजर्व - फोटो : अमर उजाला
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दुधवा टाइगर रिजर्व के वन्यजीवों को कोरोना संक्रमण से बचाने के लिए रैपिड एक्शन फोर्स का गठन किया गया है। यह फोर्स वन्यजीव प्रतिपालकों के नेतृत्व में काम करेगा। फोर्स यह देखेगा कि वन्यजीवों की निगरानी में लगा फील्ड स्टाफ सुरक्षा उपायों का पालन कर रहा है या नहीं। 

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इसके अलावा फोर्स इसपर भी नजर रखेगा कि कैमरे ठीक से काम कर रहे हैं और उनकी वीडियो क्लिप समय-समय पर संग्रहीत की जा रही है या नहीं। अमेरिका के ब्रांक्स जू में एक बाघिन के कोरोना संक्रमित मिलने के बाद केंद्रीय वन पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय और एनटीसीए (राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण) की एडवाइजरी जारी होने के बाद दुधवा में तत्काल प्रभाव से डीटीआर के प्रभारी एफडी एच मोहन राजा के नेतृत्व में एक टॉस्क फोर्स का गठन किया गया था। 

बुधवार को दुधवा नेशनल पार्क के डीडी मनोज सोनकर ने टाइगर रिजर्व क्षेत्र में बाघों और तेंदुओं की निगरानी के लिए रैपिड एक्शन फोर्स का गठन किया। यहां करीब 80 कैमरे लगाए गए हैं, जिन्हें वीडियो मोड पर किया गया है। हर दिन इन कैमरों के वीडियो अपलोड किए जाएंगे। 
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टाइगर मूवमेंट वाले हर स्थानों पर भी कैमरे लगाए जाएंगे। कैमरों के वीडियो में कोविड-19 के संदिग्ध बाघ, तेंदुओ के नोजल डिस्चार्ज के नमूने संग्रहीत कर जांच के लिए आईवीआरआई बरेली भेजने का निर्णय लिया गया है।

इन सब कार्यों की निगरानी के लिए वन्यजीव प्रतिपालक एसके अमरेश और तौफीक अहमद के नेतृत्व में रैपिड एक्शन फोर्स का भी गठन किया गया है। कोविड-19 संक्रमण से बचाव के लिए जंगल में काम कर रहे रेंज स्तर के अधिकारियों से लेकर फील्ड स्टाफ और वॉचर मास्क पहनने के अलावा सामाजिक दूरी का पालन कर रहे हैं या नहीं के साथ ही अन्य सुरक्षा उपायों का पालन संबंधी निगरानी भी यह फोर्स करेगी।

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दुधवा के पालतू हाथियों पर किया जा रहा विशेष फोकस

दुधवा में कुल 23 पालतू हाथी हैं, जो महावतों, चारा कटर्स और केयर टेकर्स के सीधे संपर्क में रहते हैं। जिनमें इंसान से कोराना संक्रमण की आशंका ज्यादा रहती है। इस बात को ध्यान में रखते हुए संबंधित अधिकारियों व कर्मचारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे लगातार मास्क पहनें, खुद को सैनिटाइज करने के बाद हाथियों के पास जाएं। 

स्टाफ बेस कैंप में ही रुकें, कहीं आवागमन न करें। समय-समय पर हाथियों के रहने वाले स्थान को भी सैनिटाइज करें। बेस कैंप में बाहरी लोगों का प्रवेश बंद कर दिया गया है।

जंगल से गुजरने वाले रास्ते लॉक
जंगल के आसपास बसे गांव को जाने के लिए कई रास्ते जंगल से होकर निकलते हैं। डीटीआर प्रशासन ने इन रास्तों को लॉक कर दिया है। केवल आपातकालीन परिस्थितियों में ही इन रास्तों से निकलने दिया जाएगा।

खोजी कुत्ते पर भी ध्यान
कोविड-19 से बचाव के लिए दुधवा के इकलौते खोजी कुत्ते की भी विशेष निगरानी की जा रही है। उसके बांधे जाने वाले स्थान को सैनिटाइज करने के साथ ही केयर टेकर्स को सुरक्षा उपकरण, मास्क और सैनिटाइजर दिया गया है।
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