आमरण अनशन की चेतावनी दी
सुशील पाठक ने सवाल उठाया कि जब नूपुर शर्मा के विवादित बयान पर देशभर में एफआईआर हो सकती हैं तो स्वामी प्रसाद मौर्य पर क्यों नहीं ? महंत ने आगे कहा कि सपा नेता के खिलाफ एफआईआर कराने के लिए उन्होंने 31 अगस्त को थाना बारादरी में प्रार्थनापत्र दिया था, लेकिन अभी तक पुलिस ने कार्रवाई नहीं की है। मजबूर होकर उन्हें अनशन पर बैठना पड़ा। उन्होंने कहा कि अगर मंगलवार शाम तो स्वामी प्रसाद मौर्य के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई तो वे आमरण अनशन शुरू करेंगे।
महंत ने कहा कि स्वामी प्रसाद मौर्य जैसे व्यक्ति की जगह जेल या पागलखाना है। उन्होंने सपा नेता को मानसिक विक्षिप्त है। उन्होंने कहा कि भाजपा ने जैसे नूपुर शर्मा को पार्टी से बाहर निकाल दिया था, वैसे ही अखिलेश यादव को स्वामी प्रसाद मौर्य को भी तुरंत पार्टी से निकाल देना चाहिए।