पूछताछ में गिरफ्तार आरोपियों ने बताया कि वे नकली देसी घी बनाने के लिए रिफाइंड ऑयल और वनस्पति घी गर्म करके आपस में मिला रहे थे। देसी घी जैसी खुशबू के लिए टीसीए नाम का एक रसायन डालते थे। पुलिस ने मौके से 26.24 कुंतल नकली देसी घी बरामद किया था।
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अदालत में सरकारी वकील तेजपाल सिंह राघव ने कुल आठ गवाह पेश किए। अपर सत्र न्यायाधीश अरविंद कुमार यादव ने अभियुक्त रजनीश और अऩुपम को बरी कर दिया। अभियुक्त महेश, योगेंद्र, लोकमन, सत्यप्रकाश और टिन्नी उर्फ सुबोध को दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई।