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खतरा बरकरार 1159 ग्राम पंचायतों में 60 फीसदी टीकाकरण भी नहीं

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बरेली। तीसरी लहर से निपटने के लिए केंद्र सरकार लगातार सभी व्यवस्थाएं मुकम्मल रखने के लिए चेता रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक कर चुके हैं, लेकिन सिस्टम है कि सुधरने का नाम नहीं ले रहा। अफसरों की अनदेखी कहें या लोगों की बेपरवाही, जिले की 1159 ग्राम पंचायतों में अब तक 60 फीसदी भी टीकाकरण नहीं हो सका है। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़े बताते हैं कि अब तक सिर्फ 34 गांवों में ही सौ फीसदी टीकाकरण हो सका है। यह स्थिति तब है जब केंद्र और प्रदेश सरकार तीसरी लहर की रोकथाम के लिए तेजी से वैक्सीनेशन करने के लगातार निर्देश दे रही है। अफसरों का कहना है कि जितनी वैक्सीन मिल रही है, उसी हिसाब से टीकाकरण हो रहा है।
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एक मई से 18 साल से अधिक आयु के प्रत्येक व्यक्ति को वैक्सीन लगाने का आदेश शासन से जारी हुआ था। करीब तीन माह से 45 पार वालों के लिए पंजीकरण की बाध्यता भी खत्म है। ऑनलाइन पंजीकरण की प्रक्रिया से भी सभी वाकिफ हो चुके हैं, फिर भी जिले में 1159 ग्राम पंचायतों में 60 फीसदी भी टीकाकरण न हो पाना सिस्टम पर सवालिया निशान लगा रहा है। अफसरों के मुताबिक वैक्सीन लगवाना स्वैच्छिक है। किसी व्यक्ति को जबरदस्ती वैक्सीन नहीं लगाई जा सकती है। जितनी वैक्सीन मिल रही है, उसके हिसाब से ही टीकाकरण किया जा रहा है।
सीएचसी के चिकित्साधिकारी के मुताबिक, शुरुआत में लोगों को वैक्सीन लगाने के लिए प्रेरित किया गया तब भी वे केंद्रों तक नहीं पहुंचे। अब वैक्सीन की कम ही डोज मिल रही है। गांवों के तमाम लोग बाहर रह रहे हैं। इसकी वजह से पंचायतों में सौ फीसदी टीकाकरण का लक्ष्य पूरा नहीं हो पा रहा है। ज्यादातर पंचायतों में 50 से 60 फीसदी ही ग्रामीणों को वैक्सीन लग सकी हैं। वैक्सीनेशन का लक्ष्य हासिल करने में जनप्रतिनिधियों को भी जिम्मेदारी निभानी होगी।
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शहर का एक भी वार्ड नहीं है शत प्रतिशत प्रतिरक्षित
आंकड़ों के तहत करीब 34 ग्राम पंचायतें ही शतप्रतिशत प्रतिरक्षित हैं। हैरत यह कि जनवरी से चल रहे टीकाकरण के बावजूद नगर निगम के 80 वार्डों में से एक के भी पार्षद की ओर से सौ फीसदी वैक्सीनेटेड होने का प्रमाण पत्र स्वास्थ्य विभाग में जमा नहीं किया गया है, जबकि संक्रमण की रोकथाम समेत लोगों को वैक्सीन के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से ही नगर निगरानी समितियों का गठन हुआ है।
फतेहगंज पश्चिमी के 30 गांव प्रतिरक्षित
डॉ. संचित के मुताबिक फतेहगंज पश्चिमी के गांव उनासी, नियोधना, सिरसा, पटवाइया, मनकरी, नौगवां, नई बस्ती, खरगपुर, सतुइया खास, सतुइया पट्टी, काशीपुर दूगीपुर, धौर सतुइया, केरा, मुबारकपुर, बगरउ, केर गौटिया, कनु नगला, फरीदापुर जागीर, अभयराजपुर, अंसारी मोहल्ला, मीरापुर, खजुरिया, शाहपुर हौशपुर, महिमा नगला, मंसूरगंज, बकैनिया, गौहाना, बल्लाकोठा, बादशाहनगर आदि पूरी तरह वैक्सीनेटेड हो चुके हैं।
नवाबगंज दूसरे नंबर पर, चार गांव वैक्सीनेटेड
नवाबगंज सीएचसी के एमओआईसी डॉ. अजमेर सिंह ने बताया कि करीब माह भर में अभियान चलाकर गांव पृथ्वीपुर नवदिया, परेवा कुर्मियान, मिलक बमनपुरी, मटकुला के सभी 18 से ज्यादा आयु के लोगों को वैक्सीन लगाई जा चुकी है। तीन गांवों को पूर्ण वैक्सीनेटेड होने का प्रमाण पत्र जिला प्रतिरक्षण अधिकारी को दिया जा चुका है। मटकुला का प्रमाण पत्र भी जल्द प्रधान, सचिव से प्राप्त होने पर सौंप दिया जाएगा।
6.53 लाख महिलाएं हुईं वैक्सीनेटेड
बृहस्पतिवार तक जिले में 1497112 लोगों को वैक्सीन लग चुकी है। इनमें 6,53,676 महिलाएं और 8,42,778 पुरुष शामिल हैं। जिला प्रतिरक्षण अधिकारी के मुताबिक, शुरुआत में महिलाएं वैक्सीन लगवाने से घबरा रही थीं। वैक्सीन से इम्युनिटी बढ़ने की जानकारी देने पर अब वे टीकाकरण के लिए आने लगी हैं। हालांकि, अब भी महिलाओं के वैक्सीनेशन का आंकड़ा पुरुषों के सापेक्ष करीब दो लाख कम है।
आयुवर्ग के तहत वैक्सीनेटेड
- 18 से 44 वर्ष आयुवर्ग के 854648
- 60 साल से ज्यादा आयु के 225136
- 45 से 60 वर्ष आयुवर्ग के 417168
कितनों को कौन सी लगी वैक्सीन
- 1311250 लोगों को कोविशील्ड
- 185702 लोगों को कोवाक्सिन
प्राप्त वैक्सीन की डोज के आधार पर प्रतिदिन लक्ष्य के सापेक्ष सौ फीसदी टीकाकरण हो रहा है। वैक्सीनेशन में बरेली टॉप पांच जिलों में शामिल है। जिन गांवों में वैक्सीनेशन कम है, उन गांवों में व्यापक स्तर पर जनजागरुकता अभियान चलाकर वैक्सीन लगवाने को प्रेरित किया जाएगा। लोगों को चाहिए कि वह भी अपनी जिम्मेदारी समझें और वैक्सीन लगवाएं। - डॉ. बलवीर सिंह, सीएमओ
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