माता-पिता के सीने में मारी थीं गोलियां
घटना वाले दिन वह सुबह के वक्त कंधे पर पौनिया बंदूक टांगकर गांव पहुंचा और पिता को गोली मार दी। मां चीखती हुई घर से बाहर निकलीं तो बंदूक लोड कर दूसरी गोली उनके सीने में उतार दी। दोनों की ही मौके पर मौत हो गई थी। छोटे भाई उमेश ने दुर्वेश के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
तीन साल बाद इस मामले में फैसला सुनाया गया है। चूंकि आरोपी खुद वकील रहा है और उसे कानून का ज्ञान है, इसलिए अदालत ने इस केस को विरल से भी विरलतम अपराध मानकर फांसी की सजा सुनाई है। साथ ही दस हजार रुपये का जुर्माना भी डाला है। जुर्माना न देने की स्थिति में उसे तीन महीने अतिरिक्त सश्रम कारावास भुगतना पड़ेगा।