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लखीमपुर खीरी हिंसा: अंत्येष्टि नहीं करने पर अड़े किसान 45-45 लाख रुपये मुआवजे व नौकरी पर माने

Mon, 04 Oct 2021 01:55 PM IST
पूजा त्रिपाठी अमर उजाला नेटवर्क, लखीमपुर खीरी

सार

इस बैठक में पुलिस ने किसानों की मांगों को मानने पर सहमति जताई जिसके बाद अब दोनों पक्षों में सुलह हो गई है। पढ़िए क्या हैं वो शर्तें और किस बात के लिए राकेश टिकैत ने प्रशासन को अल्टीमेटम दे दिया है।
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राकेश टिकैत और एडीजी प्रशांत - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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लखीमपुर खीरी में रविवार को हुई हिंसा में मारे गए चार किसानों के शव का अंतिम संस्कार न करने पर अड़े किसान अब पुलिस-प्रशासन से हुई बातचीत के बाद मान गए हैं। भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत और अन्य नेता सुबह से एडीजी लॉ एंड ऑर्डर प्रशांत कुमार से बैठक कर रहे थे। इस बैठक में पुलिस ने किसानों की मांगों को मानने पर सहमति जताई जिसके बाद अब दोनों पक्षों में सुलह हो गई है।

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शर्तों पर सहमति बनने के बाद भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत और एडीजी प्रशांत कुमार ने संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस की। राकेश टिकैत ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा कि, गृहराज्य मंत्री और उनके बेटे के खिलाफ केस दर्ज हो गया है और प्रशासन ने जो समय मांगा है अगर उसके अंदर इनकी गिरफ्तारी नहीं हुई तो हम बड़ा आंदोलन करेंगे। उन्होंने कहा कि मैं अपील करता हूं कि अब मृतकों का अंतिम संस्कार कर दिया जाए और अगर पुलिस आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं करती तो हम बड़े आंदोलन की रूपरेखा तैयार करेंगे।
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ये हैं एलान
मृतक किसानों के परिजनों को 45-45 लाख रुपये दिए जाएंगे।
घायल किसानों को दस लाख देने की घोषणा की गई है।
मृतक किसानों के परिवार के किसी एक योग्य सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाएगी।
इसके साथ ही नई कमेटी का गठन किया जाएगा जो रिटायर्ड जज की अध्यक्षता में मामले की जांच करेगी।
एडीजी प्रशांत कुमार ने बताया है कि दोषियों के खिलाफ केस दर्ज हो गया है, जांच जारी है। किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।

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