बरेली। कुतुबखाना फ्लाईओवर का विरोध कर रहे व्यापारियों को अफसरों की ओर से साधने की कोशिशें शुरू हो गई हैं। स्मार्ट सिटी के सीईओ अभिषेक आनंद ने साफ किया है कि फ्लाईओवर के निर्माण की अवधि 15 महीने निर्धारित की गई है। योजना बनाई जा रही है कि सारी तैयारियां पूरी करने के बाद फ्लाईओवर का निर्माण शुरू करने के बाद उसे हर हालत में तय समयावधि में पूरा कर लिया जाए। इस बीच नगर निगम ने कुतुबखाना से सीवर और पानी की अंडरग्राउंड लाइन हटाने के लिए ढाई करोड़ का एस्टीमेट भी दे दिया है।
स्मार्ट सिटी के सीईओ के मुताबिक कुतुबखाना में फ्लाईओवर बनाने के दौरान व्यापारियों को हर संभव सहूलियत देने की पूरी कोशिश की जाएगी। अभी से इसके लिए सभी तकनीकी पक्षों का ख्याल रखा जा रहा है। उन्होंने बताया कि फ्लाईओवर का निर्माण कम से कम समय में पूरा कराने की भी कोशिश की जा रही है। इस बारे में सेतु निगम के अधिकारियों से भी बातचीत हुई है। उन्होंने भरोसा दिलाया है कि वे 15 महीने के अंदर फ्लाईओवर का निर्माण पूरा कर लेंगे। उन्होंने बताया कि कुतुबखाना में अंडरग्राउंड सीवर और पानी की लाइनों को शिफ्ट करने के लिए नगर निगम के जलकल विभाग ने करीब ढाई करोड़ रुपये का एस्टीमेट दिया है। इस इलाके में कोतवाली से कुतुबखाना चौराहे तक ही सीवर लाइन है। पानी की लाइन कोहाड़ापीर तक बिछी हुई है।
एस्टीमेट देने में पिछड़ा बिजली विभाग
कुतुबखाना में अपनी लाइनें हटाने के लिए बिजली विभाग ने अब तक एस्टीमेट नहीं दिया है। यहां बिजली की अंडरग्राउंड लाइनों के साथ ऊपर से भी निकल रही हैं। स्मार्ट सिटी के सीईओ ने बताया कि जलकल विभाग और बिजली विभाग का एस्टीमेट जोड़कर फ्लाईओवर का फाइनल एस्टीमेट तैयार होगा जिसे सेतु निगम जांच के लिए लखनऊ मुख्यालय भेजेगा। उसके बाद उसे मंजूरी के लिए यहां स्मार्ट सिटी की बैठक में रखा जाएगा। बता दें कि कुतुबखाना फ्लाईओवर का बजट इस समय 119 करोड़ रुपये है जो लाइनों की शिफ्टिंग के एस्टीमेट के साथ करीब 130 करोड़ रुपये तक पहुंचने का अनुमान है। प्रोजेक्ट की लागत बढ़ने की वजह से ही उसे स्मार्ट सिटी बोर्ड की बैठक में मंजूरी दी जानी है।
थ्रीडी प्रस्तुतीकरण से होगा व्यापारियों की शंकाओं का समाधान
बरेली। स्मार्ट सिटी मिशन के तहत बनने जा रहे कुतुबखाना फ्लाईओवर का व्यापारियों की ओर से यह कहते हुए विरोध किया जा रहा है कि इसका असर उनके कारोबार पर पड़ेगा। स्मार्ट सिटी के अफसरों ने थ्रीडी प्रस्तुतीकरण के जरिए व्यापारियों की यह आशंका खत्म करने का फैसला लिया है। इस प्रस्तुतीकरण के दौरान कारोबारियों के साथ राजेनता भी मौजूद रहेंगे।
कमिश्नर रणवीर प्रसाद ने बताया कि थ्रीडी प्रोजेक्ट में तस्वीरें बिल्कुल साफ देखी जा सकेंगी। इसके लिए कुछ कंपनियों से बात कर प्रोजेक्ट को तैयार कराया जा रहा है। प्रोजेक्ट तैयार होने के बाद हू ब हू दिखेगा कि कुतुबखाना फ्लाईओवर बनने के बाद यहां बाजार किस तरह दिखेगा। उन्होंने कहा कि तैयारी पूरी होने के बाद प्रस्तुतीकरण के दौरान शहर के जनप्रतिनिधि, राजनेता और व्यापारियों को भी बुलाया जाएगा। इस दौरान उनकी ओर से जो शंका जताई जाएगी, उसका भी समाधान किया जाएगा। कमिश्नर ने कहा कि वह इस प्रोजेक्ट की वजह से व्यापारियों को कोई नुकसान नहीं होने देंगे।