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डोहरा में किसान आंदोलन

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बरेली। बीडीए की रामगंगा आवासीय परियोजना के लिए किसानों की जमीन के अधिग्रहण का मुद्दा गरमाने लगा है। भारतीय मजदूर किसान राष्ट्रवादी संगठन के प्रदेश अध्यक्ष मुन्नालाल मिश्रा ने कहा है कि किसान इस परियोजना को अपनी जमीन नहीं देना चाहते लिहाजा प्रशासन तानाशाही रवैया न दिखाए। उन्होंने कहा कि अफसर चाहे जितनी ताकत लगा लें, किसानों से जबरन जमीन नहीं ले पाएंगे।
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बिथरी चैनपुर के गांव इटौआ में किसानों का सम्मेलन हुआ। भारतीय मजदूर किसान राष्ट्रवादी के प्रदेश अध्यक्ष मुन्नालाल मिश्रा ने किसानाें को संबोधित किया। सम्मेलन में पहुंचे किसानों ने कहा कि वह किसी भी कीमत पर अपनी जमीन नहीं देना चाहते हैं लेकिन प्रशासन दबाव बना रहा है। बीडीए की ओर से इसे लेकर तरह-तरह की अफवाहें उड़ाई जा रही हैं। आए दिन गांव में फोर्स और प्रशासनिक अधिकारी पहुंच जाते हैं और किसानाें पर दबाव बनाया जा रहा है। भाकियू प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि प्रशासन चाहे जितनी ताकत लगा लें, बिना किसानों की मर्जी के उनकी जमीन कोई नहीं ले सकता है। उन्होंने कहा कि सभी 12 गांवों से पांच-पांच किसान कमिश्नर से वार्ता कर अपनी बात रखें। किसान भाकियू प्रदेश अध्यक्ष की इस बात पर सहमत हो गए।
प्रदेश अध्यक्ष मुन्नालाल मिश्रा ने बताया कि बृहस्पतिवार को किसानों के साथ वह कमिश्नर से मिलेंगे और कहेंगे कि यदि किसानाें की मर्जी के खिलाफ उनकी जमीन ली गई तो पूरे प्रदेश में आंदोलन किया जाएगा। इस मौके पर किसान यूनियन जिलाध्यक्ष रवि नागर, मनोहर पटेल, जगपाल यादव, आकाश पटेल, नरेंद्र पटेल, राहुल पटेल, सुरेंद्र, दिनेश, मनोज, राजीव समेत अन्य किसान मौजूद रहे।
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बिना सहमति कोई नहीं ले सकता
किसानों की जमीन : बहोरन लाल
भोजीपुरा विधायक बहोरन लाल मौर्य का कहना है कि जिन 12 गांवों की जमीन ली जानी है, उनमें से आठ उनकी विधानसभा क्षेत्र के हैं और चार बिथरी के हैं। उन्होंने बीडीए अफसरों से किसानों की मुलाकात कराई है और स्पष्ट कर दिया है कि किसानों की सहमति के बिना किसी की जमीन नहीं ली जा सकती। किसान अपनी शर्तों पर ही अपनी जमीन देंगे। मगर कुछ लोग राजनीतिक रोटियां सेंककर उनकी छवि खराब करने की कोशिश कर रहे हैं।
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