फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

लॉकडाउन: 150 किलोमीटर चलकर किशनपुर सेंक्चुरी की बाघिन पहुंची बरेली

Sun, 12 Apr 2020 03:45 PM IST
प्राची प्रियम अमर उजाला नेटवर्क, लखीमपुर खीरी
विज्ञापन
इसी रास्ते से बरेली गई बाघिन - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

लॉकडाउन के दौरान जहां इंसानों की गतिविधियां और आवाजाही ठप है, वहीं जंगली जानवरों की चहलकदमी बढ़ गई है। दुधवा टाइगर रिजर्व के किशनपुर सेंक्चुरी की एक बाघिन करीब 150 किलोमीटर की दूरी तय कर बरेली पहुंच गई और वहां कई वर्षों से सुनसान पड़ी रबर फैक्ट्री में डेरा जमा दिया। 

विज्ञापन


अब इस बाघिन को फिर से वापस जंगल लाने के लिए कड़ी मशक्कत करनी पड़ रही है। दुधवा टाइगर रिजर्व की एक रेस्क्यू टीम भी बरेली में कैंप कर रही है। दुधवा टाइगर रिजर्व में इस बाघिन को 2018 में लाया गया था। 

तीन दिन पहले जब इसका पता लगा तो वन विभाग के हाथ-पांव फूल गए। आनन-फानन में वन विभाग ने किस तरह बाघिन को फैक्ट्री में ही कैद कर दिया और इसकी सूचना प्रदेश के आला अधिकारियों को दी।
विज्ञापन


बरेली रबर फैक्ट्री में बाघिन के आने की सूचना मिलते ही उसे रेस्क्यू कर वापस दुधवा के जंगल में छोड़ने की कवायद शुरू हो गई। पहले तो दुधवा टाइगर रिजर्व में वाइल्ड लाइफ ट्रस्ट आफ इंडिया (डब्लूटीआई) के डॉ. दया के नेतृत्व में तीन सदस्यीय टीम में शामिल चांदू और भागूराम की टीम बाघिन को ट्रैंक्युलाइज कर दुधवा वापस लाने की कोशिश कर रही है। 

इस दौरान भारतीय वन्यजीव संस्थान देहरादून के डेटा से मिलान करने पर पता चला कि यह बाघिन किशनपुर सेंक्चुरी की है। जिसे 2018 में कैमरा ट्रैप के दौरान देखा गया था। डीटीआर के फील्ड डाइरेक्टर संजय पाठक ने भी शनिवार को बरेली रबर फैक्ट्री पहुंचकर चलाए जा रहे रेस्क्यू अभियान का जायजा लिया और टीम को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

विज्ञापन

बतातें हैं कि बरेली रबर फैक्ट्री के अंदर घना जंगल है, जिसमें बड़ी संख्या में नीलगाय भी हैं। ऐसे में बाघिन को वहां भोजन की कमी नहीं है। फिर भी इसे रेस्क्यू कर वापस दुधवा लाने का प्रयास किया जा रहा है। बरेली वन विभाग की टीम के एसडीओ वीके सिंह के नेतृत्व में बाघिन पर नजर रखी जा रही है।

दुधवा टाइगर रिजर्व के फील्ड डायरेक्टर संजय पाठक ने बताया कि डीटीआर की किशनपुर सेंक्चुरी से चलकर बरेली की रबर फैक्ट्री तक पहुंची बाघिन को रेस्क्यू करने के प्रयास किए जा रहे हैं। कोशिश है कि बाघिन को बिना कोई क्षति पहुंचाए वापस उसके घर लाया जा सके। मैने स्वयं भी शनिवार को चल रहे रेस्क्यू ऑपरेशन का जायजा लिया है।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें