बतातें हैं कि बरेली रबर फैक्ट्री के अंदर घना जंगल है, जिसमें बड़ी संख्या में नीलगाय भी हैं। ऐसे में बाघिन को वहां भोजन की कमी नहीं है। फिर भी इसे रेस्क्यू कर वापस दुधवा लाने का प्रयास किया जा रहा है। बरेली वन विभाग की टीम के एसडीओ वीके सिंह के नेतृत्व में बाघिन पर नजर रखी जा रही है।
दुधवा टाइगर रिजर्व के फील्ड डायरेक्टर संजय पाठक ने बताया कि डीटीआर की किशनपुर सेंक्चुरी से चलकर बरेली की रबर फैक्ट्री तक पहुंची बाघिन को रेस्क्यू करने के प्रयास किए जा रहे हैं। कोशिश है कि बाघिन को बिना कोई क्षति पहुंचाए वापस उसके घर लाया जा सके। मैने स्वयं भी शनिवार को चल रहे रेस्क्यू ऑपरेशन का जायजा लिया है।