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Bareilly News: गौरी शंकर मंदिर के गर्भगृह में कांवड़ियों ने तोड़े जलाभिषेक पात्र

Tue, 18 Aug 2026 01:33 AM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
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गुलड़िया। गौरी शंकर मंदिर में रविवार रात कांवड़ियों के एक जत्थे ने गर्भगृह में लगे जलाभिषेक के तीन पात्रों को तोड़ दिया। मंदिर समिति के सदस्य के पहुंचने से पहले ही कांवड़िये वहां से जा चुके थे। पिछले वर्षों से कांवड़ियों के उपद्रव से मंदिर में अव्यवस्था हो जाती है।
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मंदिर समिति के मुताबिक, पिछले कुछ वर्षों से कांवड़िये मंदिर में उपद्रव करते रहे हैं। इस बार भीड़ प्रबंधन के लिए मंदिर के गर्भगृह में शिवलिंग के जलाभिषेक के लिए उसके तीनों द्वारों पर जलाभिषेक पात्र लगाए गए थे। रविवार शाम आरती के बाद मंदिर के कपाट बंद कर दिए गए थे, जो सोमवार सुबह 3:00 बजे खुलने थे। हालांकि कांवड़ियों ने कपाट खुलने की प्रतीक्षा नहीं की। जब मंदिर समिति का कोई सदस्य या पुलिस मौजूद नहीं थी, तब उन्होंने जलाभिषेक के तीनों पात्र तोड़ दिए।
मंदिर की व्यवस्था देख रहे ज्ञानचंद ने बताया कि पात्र तोड़े जाने से सोमवार को जलाभिषेक के लिए श्रद्धालुओं को परेशानी झेलनी पड़ी। अनुमान के मुताबिक, सावन के तीसरे सोमवार पर मंदिर में 20,000 श्रद्धालु पहुंचे। जलाभिषेक के लिए भोर से शाम तक एक-एक किलोमीटर लंबी कतारें लगी रहीं। हरिद्वार और कछला आदि तीर्थों से गंगाजल लाए कांवड़ियों की भी भीड़ रही।
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यातायात व्यवस्था हुई धड़ाम
समिति के मुताबिक, पिछले सोमवार के मुकाबले इस बार श्रद्धालुओं की भीड़ अधिक थी। पुलिस ने गौरी शंकर मंदिर के पूर्व में कल्याणपुर मोड़ पर बैरिकेडिंग की। पश्चिम में डिग्री कॉलेज के पास भी वाहनों का प्रवेश पूरी तरह वर्जित कर दिया गया। इसके बावजूद डीजे लगे ट्रैक्टर-ट्रॉलियों से दोनों रास्तों पर लंबा जाम लग गया। रामनगर-गुलड़िया रोड पर सुबह 6:00 बजे से लगा जाम 11:00 बजे खत्म होना शुरू हुआ। अलीगंज मार्ग भी तीन घंटे जाम रहा।
पैदल चलने को श्रद्धालु हुए मजबूर - जाम के कारण कई श्रद्धालु अपने वाहन या सवारी छोड़कर मंदिर पहुंचने के लिए पैदल ही निकल पड़े। कई श्रद्धालु खेतों के रास्ते घूमकर मंदिर तक पहुंचे, वहां सर्प आदि का खतरा था। वॉलंटियरों की मदद से पुलिस जाम खुलवाने में कामयाब हुई।
पिछले वर्षों भी किया गया उपद्रव - 2025 में कुछ कांवड़िये गेट तोड़कर गर्भगृह में घुस गए और जलाभिषेक किया था। 2024 में कांवड़ियों ने मंदिर में मारपीट की थी। इसमें पांच-छह लोग घायल हुए थे।

रात में सुरक्षा भगवान भरोसे
मंदिर समिति के मुताबिक, मंदिर में दो पुरोहित होते हैं। इनमें से एक पुरोहित शाम 5:00 बजे तक रहते हैं और दूसरे पुरोहित रात में 1:00-1:15 बजे मंदिर के कपाट बंद कर चले जाते हैं। फिर कपाट को भोर में खोला जाता है। इस दौरान सुरक्षा व्यवस्था के लिए प्रशासन की ओर से एक सिपाही तक तैनात नहीं किया जाता है, जिससे इस बीच सुरक्षा व्यवस्था भगवान भरोसे रहती है। सीसी कैमरे लगे हैं लेकिन कुछ कांवड़ियों को उसका डर नहीं है।


पुलिस ने घटना नकारी
गौरी शंकर मंदिर में कोई तोड़फोड़ नहीं हुई है। सोमवार को दिन में जल चढ़ाने के लिए लाइन में खड़े एक बुजुर्ग जरूर गिर गए थे। उनसे जल चढ़वाकर सकुशल भेज दिया गया था। मंदिर में दो शिफ्टों में पुलिस तैनात रहती है। - अजय कुमार, सीओ मीरगंज
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