सोशल मीडिया पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर अभद्र टिप्पणी करने वाले एक किशोर को किशोर न्याय बोर्ड ने अनोखी सजा सुनाई है। उसे 15 दिन गोशाला और 15 दिन किसी सार्वजनिक स्थल पर सफाई करनी होगी। किशोर का दोष सिद्ध होने पर बोर्ड ने इसे उसकी पहली गलती माना है। उसे सुधरने का एक और मौका देते हुए आईटी की धारा 67 के तहत यह सजा सुनाई है।
बोर्ड की प्रधान मजिस्ट्रेट आंचल अधाना और न्यायिक सदस्यगण प्रमिला गुप्ता, अरविंद कुमार गुप्ता ने किशोर को स्वच्छता अभियान में सहभागिता करते हुए 15 दिन तक किसी सार्वजनिक स्थल पर तथा 15 दिन गोशाला में सेवा में योगदान देने का आदेश दिया। कोर्ट के आदेश की हर तरफ चर्चा हो रही है। इसके साथ ही यह आदेश दोष सिद्ध किशोरी-किशोरियों को त्वरित न्याय के साथ विभिन्न क्षेत्रों में सामुदायिक सेवा करवाने के लिए नजीर बन सकता है।