जाट रेजीमेंट सेंटर का विस्तार हो गया है। इसकी 23 वीं बटालियन खड़ी हो गई है। इसमें साढ़े आठ सौ अफसर और जवान हैं। सभी यूनिटों से प्रतिनिधित्व देकर इस पलटन को खड़ा किया गया है। अब तक जाट रेजीमेंट की 22 बटालियन थीं। 22 वीं बटालियन वर्ष 2012 में बनी थी। उसके चार साल बाद एक और पलटन खड़ी करके जाट ने अपने विस्तार का नया इतिहास लिखा है। अभी जाट रेजीमेंट की 19 नियमित, चार रायफल और दो टीए बटालियन थीं। नई 23 जाट भी नियमित बटालियन के रूप में बनाई गई है।
एक जुलाई को 23 वीं बटालियन के शुभारंभ पर जाट सेंटर की ओर से बड़ा समारोह होने जा रहा है। इसमें जाट के कर्नल ऑफ द रेजीमेंट मुख्य अतिथि होंगे। इनके अलावा सेना के और भी कई बड़े अफसर समारोह में भाग लेने के लिए आ रहे हैं। पिछले साल जाट रेजीमेंट ने अपनी स्थापना के 220 साल पूरे किए थे। इस मौके पर इसकी 23 वीं बटालियन खड़ी करने का ऐलान किया गया था। उसके बाद से ही बटालियन को विस्तार देने का काम शुरू हो गया। बता दें कि जाट देश की बहुत पुरानी रेजीमेंट है। इसका गौरवशाली इतिहास है। जाट वीरों ने रेजीमेंट की स्थापना के बाद से अब तक अपने अदम्य साहस और शौर्यता से गौरवशाली इतिहास लिखा है। कई लड़ाइयों में दुश्मनों के दांत खट्टे किए हैं। सेंटर में स्थापित जाट म्यूजियम इसका गवाह है, जिसमें कई लड़ाइयों से संबंधित रिकार्ड और दुश्मनों देशों से जंग में छीने गए अस्त्र-शस्त्र भी मौजूद हैं। शहीद जाट वीरों के चित्र और उनकी गौरवगाथा भी म्यूजियम में उपलब्ध हैं। 23 वीं बटालियन के पीआरओ मेजर निखिल ने बताया कि एक जुलाई के समारोह की तैयारी चल रही है।