बरेली। जाम की समस्या से निजात दिलाने के लिए नगर निगम सिटी मोबिलिटी प्लान बनाएगा। नगर निगम ने इसके लिए यूनटीसी कंपनी से अनुबंध किया गया है जो इसके लिए सर्वे कर रहे हैं। यह सर्वे 20 दिसंबर तक पूरा होगा। यूनटीसी की टीम ने बृहस्पतिवार को पर्यावरण अभियंता संजीव प्रधान के साथ बैठक करने के बाद कुछ बिंदुओं पर रिपोर्ट मांगी है।
पर्यावरण अभियंता के साथ हुई बैठक में टीम ने शहर में पार्किंग की संख्या, उनकी क्षमता, कितने बस स्टॉप बनाए जा चुके हैं और कितने वाहनों से कितना किराया वसूला जा रहा है जैसे कई बिंदुआें पर रिपोर्ट मांगी है। टीम के मुताबिक 20 दिसंबर को उसका सर्वे पूरा हो रहा है। इन्हीं बिंदुओं पर केंद्र सरकार को सर्वे रिपोर्ट दी जानी है।
बैठक में चौराहों पर हाईटेक सेंसर, ट्रैफि क सिग्नल, रंबल स्ट्रिप आदि के प्रयोग के साथ बस-ऑटो के रूट, स्ट्रीट लाइट, ट्रैफि क लाइट, पार्किंग, वेंडिग जोन, बस स्टैंड, पाइपलाइन कहां-कहां और किस तरीके से होना चाहिए, इस पर विस्तार से चर्चा हुई। पर्यावरण अभियंता संजीव प्रधान ने बताया कि शहर में लगातार वाहनों की संख्या बढ़ने के कारण लोगों को जाम की समस्या झेलनी पड़ रही है। जाम की समस्या से निजात दिलाने के लिए अब सिटी मोबिलिटी प्लान बनेगा।
पर्यावरण अभियंता ने बताया कि अर्बन मोबिलिटी इंडिया योजना के तहत शहरों में ट्रांसपोर्ट की बेहतर सुविधा देने के लिए कॉम्प्रहेंसिव मोबिलिटी प्लान तैयार कराने की योजना है। इस पर कुल खर्च का 80 फ ीसदी केंद्र सरकार देगी, 20 फ ीसदी राज्य सरकार को देना है।
इस पर हुई चर्चा
-शहर की वर्तमान जनसंख्या, अगले कुछ वर्षों में जनसंख्या क्या होगी।
-पब्लिक ट्रांसपोर्ट में आने वाले वर्षों में क्या बदलाव करने पड़ सकते हैं।
-जिले में वाहनों की संख्या बढ़ने के बाद क्या स्थिति होगी।
-शहर के सबसे व्यस्त प्वाइंट, कहां सबसे अधिक जाम की संभावना।
-शहर के किन हिस्सों में फ्लाईओवर बनाने की जरूरत पड़ेगी।
-भविष्य में किन-किन सड़कों के चौड़ीकरण की जरूरत पड़ सकती है।
-शहर में कितने स्थानों पर पार्किंग की जरूरत है, लिंक रोड पर कहां-कहां पार्किंग दी जा सकती है। आने वाले वर्षों में कितनी पार्किंग की जरूरत होगी।