बरेली। नगर निगम ने भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान (आईवीआरआई) को 59.18 करोड़ रुपये के बकाया कर का भुगतान करने के लिए नोटिस जारी किया है। निगम के 10 बड़े बकायेदारों की सूची में आईवीआरआई शामिल है। यह कदम सर्वोच्च न्यायालय की ओर से दिए गए आदेश के बाद उठाया गया है।
नगर निगम ने आईवीआरआई पर करोड़ों रुपये का टैक्स बकाया बताया था। कई नोटिस के बाद भी संस्थान की ओर से रकम जमा नहीं कराई गई। इसके बाद मामला सुप्रीम कोर्ट चला गया, जिसमें अब फैसला आया है। नगर आयुक्त की ओर से आईवीआरआई के निदेशक को पत्र लिखकर चालू वित्त वर्ष के अंत तक बकाया कर जमा करने के लिए कहा गया है।
नगर निगम की ओर से भेजे गए पत्र के अनुसार, आईवीआरआई बनाम उत्तर प्रदेश राज्य (सिविल अपील सं. 507/2011) मामले में 21 जनवरी को सुप्रीम कोर्ट ने अपना फैसला सुनाया है। इसी आदेश के अनुपालन में नगर निगम ने वित्त वर्ष 2025-26 तक के बकाया टैक्स की गणना की है। नगर निगम ने संस्थान को यह धनराशि जल्द सरकारी कोष में जमा कराने के लिए नोटिस जारी किया है।
नोटिस में यह भी स्पष्ट किया गया है कि यदि संस्थान को इस बिल या धनराशि के संबंध में कोई आपत्ति है तो साक्ष्यों के साथ अपना प्रत्यावेदन कार्यालय में जमा कर सकते हैं। समय रहते प्राप्त आवेदनों पर नियमानुसार विचार किया जाएगा। भुगतान न करने की स्थिति में नगर निगम आगे की वैधानिक कार्रवाई कर सकता है।
वर्जन
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार आईवीआरआई को रकम जमा करानी होगी। संस्थान निगम के बड़े बकायेदारों की सूची में शामिल है। रकम जमा होने के बाद राजस्व में वृद्धि होगी। - पीके द्विवेदी, मुख्य कर निर्धारण अधिकारी