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दो साल बाद आईटी पार्क देगा हजारों नौकरियां की सौगात

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बरेली। सालों से बंद पड़ी आईटीआर फैक्टरी की दो एकड़ जमीन पर आईटी पार्क का निर्माण जल्द शुरू होने वाला है। निर्माण में करीब दो साल लगेंगे जिसके बाद हजारों युवाओं को यहां नौकरी की सौगात मिलने का रास्ता साफ हो जाएगा। शुक्रवार को इंडस्ट्रीज और स्टार्टअप की इंटरेक्टिव मीट के दौरान आईटी मंत्रालय में संयुक्त सचिव भुवनेश कुमार ने यह उम्मीद जताई। भुवनेश बरेली के डीएम भी रह चुके हैं।
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सॉफ्टवेयर टेकभनोलॉजी पार्क ऑफ इंडिया (एसटीपीआई) को बरेली में आईटी पार्क विकसित करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। निर्माण के लिए प्रदेश सरकार की मंजूरी मिल चुकी है। भारत सरकार से मंजूरी मिलने का इंतजार है। बंद पड़ी आईटीआर फैक्टरी के करीब आठ हजार वर्ग मीटर भूमि पर करीब 20 करोड़ रुपये की लागत से पांच मंजिला आईटी पार्क बनेगा। इंटेरेक्टिव मीट के दौरान संयुक्त सचिव ने संकेत दिए कि केंद्र सरकार से भी जल्द मंजूरी मिल सकती है। सेंट्रल यूपी चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री सोसायटी के अध्यक्ष राजेश गुप्ता के मुताबिक पिछले दिनों दस करोड़ के बजट से प्रदेश सरकार के नाम भूमि की रजिस्ट्री हो चुकी है।
संयुक्त सचिव से भविष्य में आईटी सेक्टर के विस्तार को लेकर चर्चा हुई। दो एकड़ और भूमि अभी से ही प्रदेश सरकार के नाम से दर्ज कराने का सुझाव दिया गया क्योंकि अभी भूमि के दाम कम हैं और आगे इसके बढ़ने की पूरी उम्मीद है। भविष्य में कीमतें बढ़ने से प्रोजेक्ट सीमित दायरे में न रहे। इस पर भी सहमति बनी है। किन्हीं वजहों से भूमि न मिलने पर एटीपीआई ने भवन के फ्लोर बढ़ाने की उम्मीद जताई है।
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न्यूनतम दर पर आम लोग भी बुक करा सकेंगे टेबल
राजेश गुप्ता ने बताया कि अधिकारियों से हुई बातचीत में उन्होंने आम लोगों क ो भी आईटी पार्क के उपयोग की सहूलियत दिए जाने की जानकारी दी है। इसमें टेबल लगी रहेंगी जो न्यूनतम दरों पर उपलब्ध होंगी। यहां हाईस्पीड नेट का उपयोग लोग कर सकेंगे। जो उद्यमी स्टार्टअप लगाना चाहेंगे वह प्रतिदिन उपयोग के लिए टेबल एक निर्धारित कीमत अदा कर आरक्षित कर सकते हैं। बरेली में प्रोजेक्ट लगाने के लिए 12 स्टार्टअप से संपर्क किए जाने की जानकारी भी दी है। शुरुआत होने तक करीब दो दर्जन से ज्यादा स्टार्टअप जुड़ने की बात कही जा रही है।
थमेगा सालाना तीन हजार आईटी विद्यार्थी का प्रवास
उद्यमियों की ओर से एसटीपीआई को उपलब्ध कराई गई जानकारी के मुताबिक बरेली के इंजीनियरिंग इंस्टीट्यूट से हर साल करीब तीन हजार विद्यार्थी पास होकर रोजगार के लिए दूसरे राज्य जाते हैं। आईटी पार्क बनने के बाद सालाना हो रहे प्रवास पर अंकुश लगने की उम्मीद जताई। साथ ही स्टार्टअप के जरिए भी बड़ी तादाद में रोजगार युवाओं को मुहैया होने की बात कही है। हुनरमंद युवाओं का पलायन रोकने के लिए आईटी पार्क का बरेली में निर्माण होना बेहद जरूरी है। उम्मीद है कि आईटी पार्क शुरू होने के दो साल बाद ही करोड़ों का एक्सपोर्ट होगा।
फर्मों के लिए डिजाइन किया जाता है आईटी पार्क
बता दें कि औद्योगिक पार्क की तरह आईटी पार्क भी एक ऐसा क्षेत्र होता है जहां, इमारतों और सुविधाओं को आवास, सूचना विज्ञान और प्रौद्योगिकी से संबंधित फर्मों के लिए डिजाइन किया जाता है जो बेहतरीन सूचना और प्रौद्योगिकी का बुनियादी ढांचा प्रदान करता है। आईटी पार्क में बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर उपलब्ध होंगे। साथ्ज्ञ ही, कंपनियों के लिए टेकभनोलॉजी संबंधी वातावरण उपलब्ध होता है। पार्क में आईटी कंपनियों को जरूरत से संबंधित सभी तरह की सुविधाएं उपलब्ध रहेंगी। बरेली में पांच मंजिला प्रस्तावित भवन में आईटी पार्क प्रस्तावित है।
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