आस्ताने आलिया मोहम्मदिया कादरिया में उर्स-ए-मोहम्मदी में दिन रात तकरीब का सिलसिला जारी है। इसी क्रम में भोर में विसाली कुल शरीफ की रस्म अदा की गई। इसमें बड़ी तादात में जायरीन ने शिरकत कर अकीदत का इजहार किया।
कार्यक्रम की शुरुआत तिलावते कुरान से हुई। इसके बाद नातख्वा ने वली मियां हुजूर की शान में मनकबत पेश की। सलातो सलाम के बाद सुबह चार बजे कुल शरीफ हुआ। इसके बाद सज्जादानशीन अल्हाज अनवर मियां हुजूर ने दुआ की उर्स के दूसरे रोज सुबह से ही आस्ताने पर भारी भीड़ रही। वहीं जायरीन की आमद और हाजरी के बीच शहर के कई इलाकों से आईं चादरें भी दरगाह शरीफ पर पेश की गईं। इसमें खास तौर से ठिरिया से लोग बड़ी तादाद में जुलूस के शक्ल में पहुंचें।
इस मौके पर रात को जलसा में मुरादाबाद के कारी इकबाल रजवी ने वली मियां हुजूर की सीरत पर रोशनी डाली। इसके अलावा उन्होंने दहशतगर्दी के खिलाफ तकरीर में कहा कि हमारे नबी जब दुनिया में नहीं आए थे तो हर तरफ दहशतगर्दी का माहौल था। आज दुनिया में कुछ लोग कहते हैं मुसलमान दहशतगर्द हैं, मगर ऐसा नहीं है हकीकत यह है कि जब इस्लाम दुनिया में आया तभी दहशतगर्दी का खात्मा हुआ। इसी तरह शहर इमाम मौलाना अहमद मंजरी ने भी हजरत शाह वली मोहम्मद मियां की जिंदगी पर रोशनी डाली। बाद में सज्जादा नशीन ने किबला अनवर मियां ने दुआ की।
उर्स कार्यक्रम में आज
बरेली। मीडिया प्रभारी नाजिर अली (चांद) ने बताया कि तीसरे रोज उर्स कार्यक्रम की कड़ी में सुबह कुरान ख्वानी और दिन भर चादरपोशी का सिलसिला रहेगा। रात में 9 बजे से तरहई मुशायरा होगा जिसमें जाने माने उलमा कलाम पेश करेंगे।