कांवेंट स्कूलों की चारों तरफ से आ रहीं शिकायताें के बाद सोमवार को प्रशासन ने स्कूल प्रबंधकों और प्रधानाचार्यों की बैठक बुला ही ली। समस्याआें का अंबार था लिहाजा दो घंटे तक बैठक चली। एडीएम सिटी, संयुक्त शिक्षा निदेशक, बीएसए और डीआईओएस के पास काफी शिकायतें थीं। स्कूल संचालक सफाई देते रहे। एडमीशन की मारामारी पर एडीएम सबसे ज्यादा सख्त दिखे। उन्होंने तमाम शिकायतों का हवाला देते हुए कहा कि स्कूल तो डीएम के एसएमएस का भी जवाब नहीं देते, पब्लिक को क्या रिस्पांस करते होंगे। उन्होंने इसे गंभीर मामला बताया। आगे कार्रवाई की चेतावनी भी दी। अभिभावकाें को मीटिंग में नहीं बुलाया गया।
एक अन्य बैठक के चलते समय बदला गया। तीन बजे कलेक्ट्रेट सभागार की जगह कमिश्नर सभागार में बैठक हुई। 15 बिंदुआें पर स्कूलाें से जवाब मांगा गया है। 10 मई तक सूचना देनी होगी नहीं तो कार्रवाई होगी। एडीएम सिटी आलोक कुमार, जेडी एजुकेशन शिव प्रकाश द्विवदी, एडी बेसिक शशि देवी शर्मा, डीआईओएस गजेंद्र कुमार, बीएसए देवेंद्र स्वरूप सचान, जीआईसी प्रधानाचार्य आरके सिंह, सर्व शिक्षा अभियान जिला समन्वयक राकेश माथुर के साथ इंडिपेंडेंट स्कूल एसोसिएशन व अन्य सभी प्रमुख स्कूलों के प्रबंधक व प्रधानाचार्य मौजूद रहे।
- गरीब बच्चों के करने हैं एडमिशन, तैयार रहें
एडीएम सिटी ने कहा कि स्कूलाें को 25 फीसदी एडमिशन गरीबाें के करने हैं। इसके लिए तैयार रहें। स्कूल के बाहर नोटिस चिपकाएं। छह फीसदी सीट एससी, एसटी बच्चाें को दिए जाएंगे। अल्पसंख्यक व मिशनरी स्कूल इसके दायरे में नहीं हैं, लेकिन अगर उनमें शिक्षा देने का भाव है तो वे भी एडमिशन कर सकते हैं।
- प्ले स्कूल बंद होंगे, अन्य स्कूल मान्यता लें
जेडी एजुकेशन व एडीएम सिटी ने कहा कि प्ले स्कूल का कोई नियम कानून नहीं है। इन्हें बंद होना चाहिए। स्कूल प्रबंधकाें ने तर्क दिया कि यह नर्सरी से भी पहले की क्लास है, इसमें ढाई साल से कम उम्र के बच्चे होते हैं। ढाई से ऊपर के बच्चे नर्सरी में पढ़ते हैं। एडीएम ने सभी स्कूलों को बेसिक शिक्षा परिषद से मान्यता लेने को कहा है।
- स्कूल प्रबंधन अपना रवैया सुधारे
स्कूल के प्रिंसिपल बात नहीं करते। एक अधिकारी के बच्चे के एडमिशन के लिए बिशप में प्रशासन के एक अधिकारी ने सिफारिश की, एडमिशन नहीं हुआ। डीएम के एसएमएस का जवाब नहीं दिया। बीएसए को स्कूल में घुसने नहीं देते। जीआरएम बात नहीं करता। यह सब गंभीर शिकायतें हैं। जब प्रशासन से ऐसा व्यवहार करते हैं तो पब्लिक से अच्छे व्यवहार की कैसे उम्मीद करें। एडीएम सिटी ने इसे गंभीर बताते हुए चेतावनी दी है।
- ड्रेस बाजाराें में बिके, किताब एनसीईआरटी की हो
ड्रेस बाजार में हर जगह मिले। सवाल उठा कि क्वालिटी व रंग अच्छा नहीं होता। एडीएम बोले, शिक्षा देना जरूरी है ड्रेस की क्वालिटी नहीं। अभिभावकाें को कपड़े का सैंपल दें, वे खुद खरीदेंगे। किताब एनसीईआरटी की चलेंगी।
- जयंती और छुट्टियों पर भी सवाल
कई जयंती पर छुट्टी पर प्राइवेट स्कूल खुले रहते हैं। इस पर स्कूलाें का कहना था कि जयंती को वे सेलीब्रेट करते हैं ताकि बच्चाें में ज्ञान बढ़े। प्रशासन भी कुछ न कह सका। हालांकि छुट्टी प्रशासन के कैलेंडर के हिसाब से ही करने को कहा है।
- जब जेडी ने लगाई फटकार
बीएसए देवेंद्र स्वरूप ने बताया कि उनकी गाड़ी को जांच के लिए स्कूल में घुसने नहीं देते। चिक्कर इंटरनेशनल के प्रमुख ने इस पर आपत्ति जताई और कहा कि बच्चे स्कूल में खेलते हैं इसलिए वाहन अंदर आने नहीं देते। जेडी द्विवेदी ने फटकार लगाई कहा कि जितनी बात सही हो उतना ही बोले। प्रबंधक व प्रधानाचार्य के वाहन स्कूल में जा सकते हैं लेकिन अधिकारियों के नहीं।
- इस पर भी नजर
स्कूलाें में सीसीटीवी फिट और स्कूली वाहनों का पंजीकरण ठीक बताया गया। स्कूलों में जबरदस्ती कोचिंग न लगाने को प्रशासन ने कहा है। कितनी फीस लेते हैं इसका पूरा स्ट्रक्चर प्रशासन ने मांगा है।
प्रशासन ने यह मांगा स्कूलों से
स्कूल की एनओसी
मान्यता प्राप्त की छायाप्रति
प्रबंधक व प्रधानाचार्य का नाम
फीस, छात्र, स्कूल की सूची
प्रवेश का आधार
कक्षा, लैब, पुस्तकालय, खेल की स्थिति
शिक्षक का नाम, पता, पद, वेतन, बैंक, योग्यता
विद्यालय प्रबंध समिति का ब्यौरा
समिति के बैठक की कार्यवाही
तीन साल के आय- व्यय का विवरण
छात्रों को दी जाने वाली पुस्तकाें का विवरण
तीन साल का कक्षावार परीक्षाफल
नए प्रवेश पाए छात्राें की शुल्क रसीद
आरटीई के तहत किए गए एडमिशन का ब्यौरा