फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बरेली में अब तक छह बार चुने गए निर्दलीय विधायक

विज्ञापन
Indian General Election 2019 illustration vector image - फोटो : Getty Images/iStockphoto
विज्ञापन
बरेली। 1952 से अब तक हुए विधानसभा में बरेली से छह बार निर्दलीय विधायक चुने गए हैं। फ रीदपुर व मीरगंज से एक-एक बार और बहेड़ी से दो बार निर्दलीय विधायक चुने गए। कैंट से एक बार निर्दलीय विधायक हुआ। पिछले बीस साल से कोई निर्दलीय विधायक नहीं हुआ है।
विज्ञापन

फ रीदपुर विधानसभा में 1989 में सियाराम सागर ने निर्दलीय प्रत्याशी ने दो बार निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में जीत हासिल की। 1980 में पहली बार सियाराम इससे पहले 1977 में जेएनपी के टिकट पर भी जीत चुके थे। इसके बाद उन्होंने 1993, 2002 और 2012 में समाजवादी पार्टी के टिकट पर भी जीत हासिल की। 1989 में मीरगंज से भूपेंद्र शर्मा ने निर्दलीय चुनाव लड़ते हुए जीत हासिल की थी। सबसे पहले निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में भोजीपुरा सीट से 1977 में हामिद रजा खान ने जीत हासिल की थी। उन्होंने कांग्रेस के भानुप्रताप सिंह को हराया था। उस चुनाव में हामिद रजा खां ने 17 हजार 917 वोट प्राप्त किए थे। वहीं भानु प्रताप सिंह को 16 हजार 750 वोट मिले थे। इस तरह से हामिद ने सिर्फ 1167 वोट से जीत हासिल की थी। भोजीपुरा सीट से इसके बाद कभी किसी निर्दलीय को जीत प्राप्त नहीं हुई। कैंट विधानसभा में 1957 से चुनाव शुरू हुए थे। यहां 2002 में शहजिल इस्लाम ने निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में सफ लता प्राप्त की थी। दरअसल वर्ष 2002 में सपा ने इस्लाम साबिर को कैंट से टिकट दिया था। इस्लाम साबिर का नामांकन निरस्त हो गया। तब शहजिल निर्दलीय चुनाव लड़ा और सपा के समर्थन से जीत हासिल की थी। शहजिल के बाद कभी किसी प्रत्याशी निर्दलीय जीत हासिल नहीं की।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें