बरेली। बरेली कॉलेज के एमए अर्थशास्त्र के 26 विद्यार्थियों का भविष्य दांव पर लग गया है। उन्हें वह विषय पढ़ाया गया जो उनके पाठ्यक्रम का हिस्सा ही नहीं था। इस गलती के कारण विद्यार्थी अपने परीक्षा फॉर्म नहीं भर पा रहे हैं, जिसकी अंतिम तिथि 20 मई है।
द्वितीय सेमेस्टर की शुरुआत में विद्यार्थियों को वैकल्पिक विषय ''''''''हिस्ट्री ऑफ इकोनॉमिक थॉट'''''''' पढ़ाया गया। जब विद्यार्थी समर्थ पोर्टल पर फॉर्म भरने गए, तो वहां यह विषय उपलब्ध नहीं था। बताया जा रहा है कि विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर पाठ्यक्रम अपडेट नहीं होने के कारण यह समस्या उत्पन्न हुई। शिक्षकों ने अनजाने में गलत विषय पढ़ा दिया। चर्चा है कि शिक्षकों के बीच कमजोर समन्वय भी इसका एक कारण रहा। विषय के कन्वीनर के पास पाठ्यक्रम अपडेट होकर आता है, लेकिन यह विद्यार्थियों तक नहीं पहुंचा। द्वितीय सेमेस्टर की घोषणा नौ फरवरी को ही हो चुकी थी। अब छात्रों को नए विषय के साथ नए सिरे से तैयारी करनी होगी। उप प्राचार्य प्रो. वंदना शर्मा के पास अपनी समस्या लेकर पहुंचे छात्रों ने कहा कि इसमें हमारी क्या गलती है, जो कक्षा में पढ़ाया गया, वहीं हमने पढ़ा। विभाग प्रभारी पूनम रानी ने बताया कि विश्वविद्यालय की साइट पर उपलब्ध पाठ्यक्रम के अनुसार ही टाइम टेबल बनाया गया था। उन्हें अब पता चला है कि यह विषय पाठ्यक्रम से हट चुका है। उन्होंने आश्वासन दिया कि नए विषय के लिए विद्यार्थियों की अलग से कक्षाएं लगाई जाएंगी। इन कक्षाओं के माध्यम से छात्रों को परीक्षा के लिए तैयार किया जाएगा।
पाठ्यक्रम में बदलाव और छात्रों की प्रतिक्रिया
रुहेलखंड विश्वविद्यालय से संबद्ध महाविद्यालयों के लिए राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुसार पाठ्यक्रम निर्धारित है। ''''''''हिस्ट्री ऑफ इकोनॉमिक थॉट'''''''' विषय को दो साल पहले ही एमए द्वितीय सेमेस्टर के पाठ्यक्रम से हटा दिया गया था। इसकी जगह अब ''''''''इकोनॉमिक्स ऑफ एजुकेशन एंड हेल्थ'''''''' और ''''''''इंटरनेशनल रीजनल इकोनॉमिक्स कॉरपोरेशन'''''''' में से एक विषय चुनना होगा। छात्रों ने कहा, इसमें हमारी क्या गलती है, जो कक्षा में पढ़ाया गया, वहीं हमने पढ़ा।