बहेड़ी। केसर चीनी मिल के प्रशासनिक भवन के सामने पांच दिन से अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे किसानों ने शुक्रवार को लिखित आश्वासन के बाद धरना स्थगित कर दिया। ज्वाइंट मजिस्ट्रेट ने किसानों के बीच पहुंचकर भरोसा दिया कि गन्ना मूल्य का भुगतान प्रशासन हस्तक्षेप करके जल्द कराएगा। उन्होंने लिखित पत्र भी किसानों को सौंपा।11 मई को किसानों ने भाकियू (टिकैत गुट) के बैनर तले महापंचायत की थी। चीनी मिल के अधिकारियों की ओर से भुगतान के मामले में जवाब दिया गया था कि उनके पास न शीरा है, न चीनी है और न की बजट है। जब चीनी मिल बिकेगी तभी भुगतान दे पाएंगे। इसके बाद किसानों ने उसी दिन से अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया था।
किसानों का धरना शुरू होते ही जिला प्रशासन भी हरकत में आ गया। किसानों के प्रतिनिधिमंडल को बुलाकर जिला अधिकारी ने बरेली में गन्ना विभाग के अधिकारियों तथा चीनी मिल प्रबंधन से वार्ता कराई। दोपहर तीन बजे ज्वाइंट मजिस्ट्रेट इशिता किशोर, सिटी मजिस्ट्रेट, जिला गन्ना अधिकारी दिनेश कुमार सैनी धरना स्थल पर पहुंचे।
ज्वाइंट मजिस्ट्रेट ने कहा कि 29 मई को चीनी मिल की मुड़िया मुकर्रमपुर की हाईवे किनारे वाली जमीन की नीलामी होनी है। इस नीलामी जो जो रुपये मिलेंगे, उनसे बकाया भुगतान कराया जाएगा।
इसके बाद किसान नेता रवि ढाका ने धरने पर बैठे किसानों से राय मशविरा किया और धरना स्थगित करने का फैसला किया। इस दौरान राजेश कुमार गुप्ता, जगत सिंह, विजय सिंह, शंकर लाल, नारायण दास तिवारी आदि मौजूद रहे।