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साइबर ठगों के बाजार में... एक लाख का फोन 20 हजार में

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fraud - फोटो : pixabay
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ऑनलाइन मार्केट में ललचाने वाले ऑफरों से रहे सावधान, कहीं मायूसी के अंधेरे में न मनानी पड़े दिवाली
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साइबर ठग बेहद सस्ते में मोबाइल और दूसरे इलेक्ट्रॉनिक्स आयटम का झांसा देकर कर रहे हैं ठगी
बरेली। दिवाली पर साइबर ठगों का बाजार भी लोगों को खूब आकर्षित कर रहा है। हालांकि यह अलग बात है कि इस झांसे में जो भी फंसा, उसकी दिवाली मायूसी के अंधेरे में मनानी पड़ेगी। साइबर ठगों के बाजार में ऐसे ऑफरों की भरमार है जो किसी को भी ललचा सकते हैं। इलेक्ट्रॉनिक्स के आयटम की 20 से 25 फीसदी कीमत में सेल के ऑफर खासतौर पर युवाओं को साइबर ठगों का शिकार बना रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि साइबर ठग हर मौके पर ऐसे लोगों की मजबूरी का फायदा उठाते हैं जो अपनी जरूरत पूरी करने में सक्षम नहीं होते। वे मौके का फायदा उठाने की सोच की वजह से ऐसे ऑफरों पर भरोसा कर लेते हैं और साइबर ठगी का शिकार बन जाते हैं। हालांकि जरा सतर्कता बरती जाए तो इस ठगी से बचा जा सकता है।
महंगा फोन सिर्फ 20 प्रतिशत कीमत पर
दिवाली ऑफर के नाम से सोशल मीडिया पर तमाम लिंक फारवर्ड किए जा रहे हैं जिनमें एक लाख रुपये से ज्यादा कीमत वाले फोन सिर्फ 20 हजार रुपये में दिए जाने का झांसा दिया जा रहा है। इसी तरह महंगे लैपटॉप और टेबलेट बहुत कम कीमत पर देने का दावा कर लोगों को फंसाने की कोशिश की जा रही है। कोई व्यक्ति तैयार हो जाता है तो आधी रकम एडवांस लेकर ये ठग गायब हो जाते हैं। कई बार इस माल को कस्टम का बताकर सस्ता उपलब्ध कराने का भी झांसा दिया जाता है।
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लॉटरी जीतने का झांसा देकर भी ठगी
दिवाली पर तमाम लोगों को साइबर ठगों की ओर से लॉटरी जीतने के मेसेज भेजे जा रहे हैं। इनमें दिए नंबरों पर संपर्क करने पर साइबर ठग बातों में फंसा लेते हैं और फिर करेंसी एक्सचेंज, टैक्स, कस्टम ड्यूटी समेत तरह-तरह के बहाने बनाकर लाखों रुपये हड़प लेते हैं। इस तरह की ठगी के मामले लंबे समय चल रहे हैं लेकिन आज तक इन पर रोक नहीं लग सकी।
क्यूआर कोड के जरिये धोखाधड़ी
कुछ साइबर ठग बाजार में दुकानदारों को चूना लगा रहे हैं। सामान खरीदने के बाद ऑनलाइन भुगतान करने का झांसा देते हैं और क्यूआर कोड स्कैन करके पहले से ही मोबाइल में तैयार करके रख गया भुगतान का मेसेज दिखा देते हैं। अगर व्यापारी ने अपना अकाउंट चेक नहीं किया तो फिर उतने रुपये की चपत लगना तय है।
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थोड़ी सतर्कता से बचना आसान
साइबर विशेषज्ञ अनुज अग्रवाल बताते हैं कि साइबर ठगी से बचने के लिए सतर्कता जरूरी है। हमेशा सोचना चाहिए कि एक लाख रुपये की चीज कोई भी व्यक्ति दस या बीस हजार रुपये में क्यों बेचेगा। अगर लालच में नहीं आएंगे तो ऐसी ठगी से बचे रहेंगे। इसी तरह लॉटरी के मामले में लालच से बचने की जरूरत होती है। ध्यान रखें कि कुछ भी मुफ्त उपलब्ध नहीं है। अगर मुफ्त के लालच में फंसेंगे तो नुकसान होगा।
ऑनलाइन लेनदेन के लिए रहें सतर्क
- अपना पिन या पासवर्ड किसी से शेयर न करें और न ही किसी के सामने इसे दर्ज करें।
- अपना कार्ड या अकाउंट डिटेल किसी से शेयर न करें।
- साइबर फ्रॉड होने पर सबसे पहले बैंक के कस्टमर केयर पर फोन करके अकाउंट ब्लॉक करा दें।
- बैंक के कस्टमर केयर और पुलिस की साइबर सेल में शिकायत दर्ज कराएं।
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