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‘स्वतंत्रता संग्राम में हिंदी, डगर-डगर में डोली थी’

सार

बरेली। पूर्वोत्तर रेलवे इज्जतनगर मंडल में मंगलवार को कवि सम्मेलन का आयोजन किया। आयोजन राजभाषा विभाग के तत्वावधान में डीआरएम कार्यालय के सभाकक्ष में हुआ। 
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काव्य पाठ करतीं वरिष्ठ मंडल संरक्षा अधिकारी श्रीमती नीतू। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
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बरेली। पूर्वोत्तर रेलवे इज्जतनगर मंडल में मंगलवार को कवि सम्मेलन का आयोजन किया। आयोजन राजभाषा विभाग के तत्वावधान में डीआरएम कार्यालय के सभाकक्ष में हुआ। 
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सम्मेलन का शुभारंभ चित्रकार, कवि और गीतकार मुकेश शर्मा ‘मीत’ की सरस्वती वंदना से हुआ। इसके बाद हास्य व्यंग्य कवि निर्मल सक्सेना ने विविध रंग के मुक्तक सुनाकर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। इस दौरान कवि आनंद गौतम, पीके दीवाना, रेलवे के कवि अजय शुक्ला ने अपनी रचनाएं सुनाईं।
आयोजन में वरिष्ठ मंडल संरक्षा अधिकारी श्रीमती नीतू ने अपनी कविताओं में मानवीय मनोभावों का चित्रण किया। कार्यक्रम संचालक और राजभाषा अधिकारी प्रभाकर मिश्र ने हिंदी भाषा के महत्व को रेखांकित करते हुए अपनी रचना सुनाई। उनकी रचना ‘स्वतंत्रता संग्राम में हिंदी, डगर-डगर में डोली थी। आजादी के दीवानों की वाणी थी, हमजोली थी। मत समझो सीमित स्वदेश में, दूर-दूर तक छायी है, सीख रहे हैं रुसी-चीनी, गोरों ने अपनाई है’ काफी सराही गई।   
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मुख्य अतिथि डीआरएम आशुतोष पंत ने कहा कि हम रेल अधिकारी संरक्षित और सुरक्षित ट्रेन संचालन के लिए दिनरात लगे रहते हैं। ऐसे में कवि सम्मेलन जैसे कार्यक्रमों में हमें साहित्य से जुड़ने का अवसर मिलता है। इस दौरान अपर मंडल रेल प्रबंधक (इंफ्रा) विवेक गुप्ता, अपर मंडल रेल प्रबंधक (परिचालन) अजय वार्ष्णेय आदि रेलवे अधिकारी और कर्मचारीगण उपस्थित थे। ब्यूरो
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