बरेली में किला नदी का जलस्तर बढने से बाकरगंज नई बस्ती में ट्यूब के जरिये निकलता युवक।
क्योलड़िया इलाके में बाढ़ से भयावह हालात, घरों में कैद हैं ग्रामीण
क्योलड़िया। इलाके के छह गांव चारों तरफ से बाढ़ से घिर गए हैं। इन गांवों का आसपास के इलाके से पूरी तरह संपर्क कट गया है। इससे रोजमर्रा की जरूरत का सामान भी लोगों को नहीं मिल पा रहा है। तीन दिन से ग्रामीण जैसे-तैसे अपना पेट भर रहे हैं, लेकिन प्रशासन की तरफ से अब तक कोई मदद नहीं पहुंची है।
देवहा नदी किनारे बसे अमीरनगर, बड़ेपुरा, अब्दुल्ला, सिलरा, नवदिया मोतीराम, जरपा मोहनपुर गांव बाढ़ से घिर गए हैं। इन गांवों में लोग घरों में कैद हैं। घरों में खाने-पीने का जो सामान मौजूद है, उसी से किसी तरह पेट भर रहे हैं। सबसे ज्यादा खराब स्थिति अमीरनगर की है। यहां बने नदी के तटबंध का कटान शुरू हो गया है। पूरा गांव टापू बन गया है। ग्रामीणों के मुताबिक, इससे पहले उन्होंने वर्ष 1965 और 2008 में बाढ़ की विभीषिका झेली थी। तब भी उन्हें कई दिनों तक घरों में कैद रहना पड़ा था। धान और गन्ने की फसल तबाह हो चुकी है। खेतों की तरफ जिधर भी नजर उठाकर देखो, पानी ही पानी नजर आ रहा है। गांव में बाढ़ चौकी तो बनाई गई है, लेकिन वहां से ग्रामीणों को कोई मदद नहीं मिल रही है।
टीम के साथ मौके पर गए थे, लेकिन पानी अधिक होने की वजह से गांवों में नहीं जा सके। ग्रामीणों से फोन पर बात कर हालात का जायजा लिया है। पानी कम होने पर टीमें गांवों में भेजी जाएंगी। - शेर बहादुर सिंह, तहसीलदार नवाबगंज