पार्षदों ने कहा कि निजी फर्म ने 87 लाख रुपये यूजर चार्ज का जमा नहीं किया था। 8 सितंबर 2023 को अफसर नोटिस देकर चुप हो गए। इसीलिए यूजर चार्ज का बकाया आनंद नारायण साहू की फर्म पर बढ़ता रहा। इसके लिए वे अफसर भी जिम्मेदार हैं, जिन्हें यूजर चार्ज नियमित तौर पर जमा कराने की जिम्मेदारी निभानी थी।
जनता के मुद्दों पर लगातार आए पार्षदों के कई सवालों का नगर निगम के अफसर सटीक जवाब नहीं दे सके। कार्रवाई की मांग भी उठी। तब पार्षद गौरव सक्सेना ने कहा-सब पर कार्रवाई न करें बल्कि व्यवस्था को संचालित कराएं। पार्षद राजेश अग्रवाल ने कहा कि कर्मचारी-अधिकारी यूजर चार्ज की पत्रावली दबाए बैठे रहे।
निजी फर्म को काली सूची डालने से पहले वैकल्पिक व्यवस्था करनी चाहिए थी पर ऐसा नहीं हुआ। पार्षदों ने अधूरे कामों और गड्ढे वाली सड़कों पर जवाब मांगा तो अधिशासी अभियंता डीके शुक्ला जवाब देने के लिए खड़े हुए, वे जवाब नहीं दे पाए। तब महापौर ने कहा कि 10 नवंबर तक सड़कें गड्ढा मुक्त नहीं हो सकीं तो अभियंताओं की जवाबदेही तय होगी। लापरवाही पर शासन को लिखा जाएगा।
लाइसेंस शुल्क प्रस्ताव लंबी बहस के बाद निरस्त किया
वाणिज्य नियंत्रण लाइसेंस उपविधि वाले प्रस्ताव में लाइसेंस शुल्क की सारणी नगर निगम की ओर से प्रस्तुत की गई थी। इस पर लंबी बहस हुई। पक्ष-विपक्ष के पार्षदों ने प्रस्ताव को गलत बताकर निरस्त कराया। पार्षद राजेश अग्रवाल ने बताया कि प्रस्ताव संख्या-5 के तहत सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट रूल्स 2016-2000 पर चर्चा की गई और जो दरें नगर निगम ने तय की थीं उन्हें उनके प्रस्ताव पर कम किया गया।
ये अहम निर्णय लिए गए
- डेढ़ साल से सील नगर निगम की दुकानों को सात दिन में खोला जाएगा।
- संपत्ति कर विभाग में आउटसोर्सिंग पर 40 कर्मचारी रखे जाएंगे।
- नामांतरण से जुड़े 500 लंबित मामले 15 दिन में निस्तारित किए जाएंगे।
- सीबीगंज क्षेत्र में नगर निगम की सैकड़ों बीघा जमीन पर मिट्टी का अवैध खनन बंद होगा।
- डोर-टू-डोर कूड़ा उठाने की व्यवस्था में संसाधनों की कमी नहीं होने दी जाएगी।
- कूड़ा उठाने पर कितने कर्मी हैं और कितना खर्चा हो रहा है, इसका ब्योरा पार्षदों को दिया जाएगा।
- वार्डवार संपत्तिकर की वसूली के आंकड़े सदन में रखे जाएंगे, ज्यादा कर देने वाले वार्डों में अधिक होगा विकास।
- संपत्ति कर वसूली का दस प्रतिशत टैक्स, संबंधित वार्ड के विकास पर खर्च किया जाएगा।
नगर आयुक्त निधि गुप्ता वत्स ने बताया कि 37 वार्डों की मैपिंग हो चुकी है। वार्डवार घरों की सूची बन रही है। 15 अक्तूबर तक फाइनल हो जाएगी। सूची पार्षदों के सामने रखी जाएगी, ताकि यूजर चार्ज की वसूली में दिक्कत न आए। साथ ही कूड़ा एकत्र करने की व्यवस्था सुचारू तरीके से हो सके। पार्षदों के साथ वह खुद 15 अक्तूबर से बैठक करेंगी।