स्मार्ट सिटी के तहत डक्ट का निर्माण करा रहे ठेकेदार ने कंक्रीट की मोटी दीवार में दफन कर दी बिजली सप्लाई की केबल
अब फाल्ट हुआ तो नई केबल डालने के अलावा नहीं होगा कोई चारा
न स्मार्ट सिटी के इंजीनियरों को खबर न पावर कॉरपोरेशन वालों को
बरेली। स्मार्ट सिटी की परियोजनाओं में हेराफेरी जारी है। अब डक्ट के निर्माण के दौरान बिजली की केबल को ही कंक्रीट की मोटी दीवार में दफन कर दिया गया है। इसके बाद केबल में फाल्ट होने की दशा में उसे ठीक करना संभव नहीं रह गया है। लिहाजा एक भी फाल्ट होते ही लाखों कीमत की यह केबल बर्बाद हो जाएगी। कई इलाकों को नई केबिल पड़ने तक अंधेरे में रहना पड़ेगा, वह अलग।
स्मार्ट सिटी के तहत डक्ट (कंक्रीट का नालीनुमा निर्माण) का निर्माण इसलिए कराया जा रहा है ताकि उसी में से बिजली सप्लाई की केबल के साथ आई ट्रिपल सी प्रोजेक्ट की कैमरों से कंट्रोल रूम को कनेक्ट करने वाली केबल को भी सुरक्षित ढंग से गुजारा जा सके ताकि कभी भी कोई फाल्ट होने पर कहीं भी केबल को खोदाई किए बगैर ही ठीक किया जा सके। मगर स्मार्ट सिटी के ठेकेदारों ने इस मंशा पर पहले ही पानी फेर दिया है।
पुलिस लाइन रोड पर बनाए जा रहे डक्ट के निर्माण के दौरान बिजली सप्लाई की केबल को कंक्रीट की मोटी लेयर के नीचे दबा दिया गया है। अब इसी के ऊपर लिंटर भी डालने की तैयारी शुरू हो गई है। लिंटर पड़ने के बाद दबी केबल नजर ही नहीं आएगी लिहाजा न उसमें मरम्मत की गुंजाइश रहेगी न उसे बदलने की। पावर कॉरपोरेशन के अफसरों का कहना है कि स्मार्ट सिटी कंपनी की इस लापरवाही से एक भी फाल्ट होते ही पूरी केबल बर्बाद हो जाएगी। इसके साथ जिस इलाके में फाल्ट हुआ, वहां लोगों को लंबी कटौती भी झेलनी पड़ेगी।
कहा जा रहा है कि डक्ट के निर्माण में इसी तरह की लापरवाही विकास भवन और मालगोदाम रोड समेत कई और जगह भी की गई है। स्मार्ट सिटी के ठेकेदार को इस बारे में शुरू में ही आगाह भी किया गया था लेकिन इसके बावजूद हर जगह बिजली सप्लाई की केबल कंक्रीट में दबा दी गई।
ठेकेदारों के आगे नहीं चल रही... अफसरों इंजीनियरों के लिए भी स्मार्ट सिटी सिरदर्द
शहर में विभिन्न परियोजनाओं का निर्माण करा रहे ठेकेदार शुरू से ही पूरी मनमानी से काम कर रहे हैं। चाहे सीवर लाइन डालने और सड़कों का निर्माण कराने का मामला हो या फिर स्मार्ट सिटी परियोजनाओं का, अफसरों और इंजीनियरों का रवैया भी उनसे पल्ला झाड़ने जैसा है। जिन इंजीनियरों को स्मार्ट सिटी के निर्माण कार्यों की निगरानी की जिम्मेदारी दी गई है, वे उधर झांकने तक नहीं आ रहे हैं। डक्ट निर्माण के दौरान बिजली की केबल को कंक्रीट को दबा देना इसका जीता-जागता उदाहरण है जिसके बारे में स्मार्ट सिटी कंपनी के महाप्रबंधक को अमर उजाला की ओर से पूछताछ किए जाने तक जानकारी ही नहीं थी। यही नहीं, जिस पावर कॉरपोरेशन की लाखों कीमत की केबल को खराब कर दिया गया, उसके अफसर भी समाचार लिखे जाने तक इस मामले से बेखबर बैठे थे।
मालगोदाम रोड पर निकालकर फेंक दी बिजली की केबल, संकट झेलेंगे लोग
मालगोदाम रोड पर भी डक्ट के निर्माण में जमकर मनमानी की गई है। डक्ट के निर्माण के दौरान स्मार्ट सिटी के ठेकेदारों ने पावर कॉरपोरेशन की सैकड़ों मीटर लंबी अंडरग्राउंड केबल को जमीन से निकालकर बाहर फेंक दिया। बुधवार को यहां स्मार्ट सिटी का काम कर रहे मजदूरों ने बताया कि यह केबल प्रयोग में नहीं आ रही थी, इसलिए ठेकेदार के कहने पर इसे निकाल दिया गया। उधर, पावर कॉरपोरेशन के अफसरों ने बताया कि इस केबल से सप्लाई नहीं दी जा रही थी लेकिन इसका उपयोग तब किया जाता था जब मेन लाइन में कहीं फाल्ट हो जाता था। मेन लाइन में फाल्ट ठीक करने तक इस केबल से सप्लाई की जाती थी। इससे प्रभावित इलाके के लोगों को लंबा पावर कट नहीं झेलना पड़ता था लेकिन अब केबल निकाल दिए जाने से यहां सिंगल चार्ज रह गया है। अब अगर फाल्ट होगा तो उसकी मरम्मत होने तक आसपास की कॉलोनियों में बिजली सप्लाई बंद रखनी पड़ेगी। स्मार्ट सिटी के ठेकेदार ने केबल फेंकने से पहले पावर कॉरपोरेशन के अफसरों से सहमति लेने की भी जरूरत महसूस नहीं की।
पानी की लाइन कटे या बिजली केबल स्मार्ट सिटी वालों पर कोई फर्क नहीं
स्मार्ट सिटी के काम बिजली की सप्लाई में शुरू से ही बाधा खड़ी कर रहे हैं। शहर में खोदाई के दौरान 50 से ज्यादा जगह बिजली की अंडरग्राउंड केबल और पानी की पाइप लाइन कट चुकी हैं। ऐसी स्थिति में शहरवासियों को लंबे समय तक समस्याओं से जूझना पड़ता है लेकिन अफसर फिर भी ठेकेदार पर शिकंजा नहीं कस पाते। एकाध बार ठेकेदार को एफआईआर दर्ज कराने की हवाई चेतावनी जरूर दी गई लेकिन उसका भी कोई नतीजा नहीं निकला।
अंडरग्राउंड केबल को इस तरह कंक्रीट में दबाना बहुत गलत है। एसडीओ को मौके पर भेजकर इसकी जांच कराई जाएगी। स्मार्ट सिटी के कामों में लापरवाही के कारण पहले भी अंडरग्राउंड केबल क्षतिग्रस्त हो चुकी है। इस बार स्मार्ट सिटी कंपनी के अधिकारियों को नोटिस भेजा जाएगा। - विकास सिंघल, अधीक्षण अभियंता
अंडरग्राउंड केबल को कंक्रीट में दबा देना गलत है। यह मामला जानकारी में नहीं है। मौके पर टीम को भेज जांच-पड़ताल कराई जाएगी। लापरवाही मिलने पर ठेकेदार और इंजीनियर पर कार्रवाई की जाएगी। - भूपेश कुमार सिंह, वरिष्ठ महाप्रबंधक स्मार्ट सिटी